फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मशीन बताएगी दूध का दूध पानी का पानी

विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तरकाशी। कई लोग दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए दूध में पानी मिलाते हैं, लेकिन अब आपकी दूध की गुणवत्ता के अनुसार ही आपको उसका दाम मिलेगा। उत्तरकाशी के 46 गांव में जल्द ही यह प्रयोग शुरू हो रहा है। जिसमें मशीन दूध की गुणवत्ता की जांच करके उसका रेट तय करेगी, जिसमें बाकायदा ग्रामीणों को बिल भी दिया जाएगा।
विज्ञापन

दुग्ध उत्पादन सहकारी संघ लिमिटेड मातली जल्द ही जिले के 46 गांव में डाटा प्रोसेसर मिल्क कलेक्शन यूनिट (डीपीएमसीयू) लगाने जा रही है। यह मशीन गांव में दुग्ध समितियों को दी जाएगी। जहां ग्रामीणों द्वारा दूध लाने पर मशीन उस दूध की गुणवत्ता जांचेगी। इसके बाद दूध की गुणवत्ता के अनुसार ही उसका मूल्य दिया जाएगा। वर्तमान में संघ जिले के 102 गांव से दूध खरीद रहा है, लेकिन यह मशीन उन गांव में निशुल्क रूप से वितरित की जाएगी, जहां समिति को अच्छी गुणवत्ता के साथ दूूध मिलता है। इनमें भटवाड़ी, बनचौरा, ब्रह्खाल, मणि कुमराणा, चिन्यालीसौड़, जोगत आदि क्षेत्र के गांव शामिल हैं। वर्तमान में दुग्ध संघ हर दिन 1300 लीटर दूध बेच रहा है, जिसमें से एक हजार लीटर दूध जिले से उत्पादन कर रहा है। जबकि शेष 300 लीटर देहरादून के आसपास के क्षेत्रों से मंगाया जा रहा है। इस वित्तीय वर्ष में संघ ने 2800 लीटर दुग्ध उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए दूर दराज गांव के ग्रामीणों व किसानों को दुग्ध उत्पादन के लिए अच्छी नस्ल की गाय और भैंस पालने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
6.5 प्रतिशत फैट होना चाहिए दूूध में
संघ के अधिकारियों की माने तो अच्छी गुणवत्ता के दूध में 6.5 प्रतिशत फैट होता है। वर्तमान 34 रुपये प्रति लीटर दूध तय किया गया है, लेकिन अगर 6.5 प्रतिशत से अधिक फैट वाला दूध मिलता है तो उसका दाम भी बढ़ जाते हैं। डीपीएमसीयू मशीन दूध की गुणवत्ता माप कर उसका रेट तय करेगी।
विज्ञापन

एक नजर जिले की खपत पर
वर्तमान में जिले की कुल जनसंख्या 330086 है। ग्रामीण क्षेत्रों में मानक के अनुसार 300 ग्राम दूध प्रति व्यक्ति को प्रतिदिन चाहिए। इसके अनुसार जिले की प्रतिदिन दूध की खपत 90 हजार लीटर प्रतिदिन है, लेकिन इसमें वर्तमान में 70 प्रतिशत दूध जिले के बाहरी इलाकों से आ रहा है। सिर्फ 30 प्रतिशत दूध का उत्पादन ही जिले में हो पा रहा है।

कोट-
डीपीएमसीयू मशीन उन 46 गांव में निशुल्क लगाई जा रही है, जहां संघ को अच्छी गुणवत्ता से दूध मिलता है। मशीन लगने के बाद ग्रामीणों को उनके दूध का उचित मूल्य मिलेगा। मशीन खुद दूध की गुणवत्ता की जांच कर रेट तय करेगी।
विज्ञापन

-हरि सिंह चौधरी, जीएम, उत्तरकाशी दुग्ध उत्पादन सहकारी संघ लिमिटेड
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें