गांव के एक डॉक्टर ने आशंका जताई कि ग्रामीणों की तबियत फूड प्वॉइजनिंग के कारण बिगड़ी होगी। अनाज में कीड़ा न लगे इसलिए ग्रामीण उसमें कीटनाशक डाल देते हैं। आशंका जताई जा रही है कि उड़द और चावल में कीटनाशक रहा हो और खाना बनाने से पहले इन्हें सही से नहीं धोया गया हो।
बताया जा रहा है कि बीमार पड़े लोगों में सिर्फ पुरुष ही शामिल हैं। इससे पहले की महिलाएं इस खाने को खातीं पुरुषों की तबीयत बिगड़ने लगीं, जिसके चलते उन्होंने फिर खाना खाया ही नहीं। इस बाबत पुलिस को कोई जानकारी नहीं है।