क्षेत्र की महत्वपूर्ण ब्यासी जलविद्युत परियोजना से पिछले चार महीनों में तेरह करोड़ पचास लाख यूनिट (135 मिलियन यूनिट) बिजली का उत्पादन किया जा चुका है। अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में बनकर तैयार हुई ब्यासी जल विद्युत परियोजना ने विद्युत उत्पादन के मामले में जुलाई के महीने से जो रफ्तार पकड़ी वह अभी तक जारी है। यमुना नदी में आवश्यक मात्रा में पानी मौजूद होने के कारण बिजली उत्पादन के लिए लगाई गई दोनों मशीनें बिना रुके उत्पादन में जुटी हैं। प्रतिदिन 120 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।
अप्रैल माह में बनकर तैयार हुई ब्यासी जलविद्युत परियोजना के लिए बनाए गए बांध में निर्धारित 630 मीटर पानी की मात्रा को मेंटेन करने के बाद जलविद्युत निगम की सिविल विंग ने बांध व परियोजना को उत्पादन के लिए निगम की मेकेनिकल विंग को सौंप दिया था। परियोजना की कमान हाथ में आते ही मेकेनिकल विंग ने 24 अप्रैल को बिजली का विधिवत उत्पादन शुरू कर दिया था। हालांकि यमुना नदी में पानी कम होने के कारण ब्यासी बांध को अपेक्षित 60 क्यूमैक पानी उपलब्ध नहीं हो सका, जिससे बिजली उत्पादन में बाधाएं भी आई।
इन दिनों में कुल चौबीस घंटो में मात्र चार या पांच घंटे ही एक मशीन के माध्यम से 60 मेगावाट का उत्पादन किया जा सका। जुलाई माह में बरसात शुरू होते ही यमुना नदी में पानी की उपलब्धता ठीक हो जाने से बांध को पर्याप्त मात्रा में पानी मिल गया, जिसके चलते जुलाई से लेकर अगस्त माह तक 120 मेगावाट बिजली का उत्पादन प्रतिदिन किया जा रहा है। इसी क्रम में परियोजना के शुरू होने से लेकर अभी तक बिजली उत्पादन का तेरह करोड़ पचास लाख यूनिट पहुंच गया है। जलविद्युत निगम की मेकेनिकल विंग के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हिमांशु अवस्थी ने बताया कि मौसम को देखते हुए उम्मीद यह लगाई जा रही है कि आने वाले महीनों में भी बिजली उत्पादन की रफ्तार धीमी नहीं होगी। उनका कहना है कि परियोजना से निर्धारित मात्रा में प्रदेश व देश को बिजली मिलती रहेगी। संवाद