ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। पिटकुल में उपमहाप्रबंधक आईटी की नियुक्ति में गड़बड़झाला सामने आया है। अधिकारियों ने उप महाप्रबंधक आईटी (अभियंता संवर्ग में प्रोन्नति का पद) पर सीधी भर्ती के जरिये नियुक्ति कर डाली। प्रकरण उजागर होने के बाद इसकी जांच शुरू की गई। जांच अधिकारी ने इसकी एसआईटी व सतर्कता विभाग से जांच कराने की संस्तुति की। लेकिन अधिकारियों ने प्रकरण को ठंडे बस्ते में डाल दिया। अब उत्तरांचल पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन ने यूजेवीएनएल की तरह पिटकुल में सूचना प्रौद्योगिकी संवर्ग का गठन करने की मांग उठाई है। उत्तरांचल पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रबंधक निदेशक से मिलकर सात सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपकर उनके निराकरण की मांग की।
प्रबंधक निदेशक को सौंपे ज्ञापन में एसोसिएशन पदाधिकारियों ने नवनियुक्त सहायक अभियंताओं को भी पूर्व की भांति प्रारंभिक वेतन वृद्धि स्वीकृत कर वेतन निर्धारण करने, अधीक्षण अभियंता विकास शर्मा को मुख्य अभियंता के पद पर पदोन्नति देने, अभियंता संवर्ग में सीधी भर्ती का कोटा 50.33 से बढ़ाकर 58.33 फीसदी करने का मुद्दा उठाया गया। वार्ता के दौरान एसोसिएशन पदाधिकारियोें ने झाझरा ट्रांसफार्मर घोटाले का भी मुद्दा उठाया। कहा, अभियंताओं को दुर्भावना से प्रेरित होकर दोषी न ठहराया जाए। बैठक के दौरान एसोसिएशन के महासचिव मुकेश कुमार का कहना है कि जब दिसंबर 2017 में ऊर्जा सचिव ने प्रबंधन को आदेशित किया था कि संबंधित आपूर्तिकर्ता कंपनी से क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर के बदले गारंटी अवधि में नया ट्रांसफार्मर बदल लिया जाए। कंपनी इसके लिए राजी भी थी। कंपनी मार्च-2018 से लगातार प्रबंधन से अनुरोध करती आ रही है कि उन्हें क्षतिग्रस्त ट्रांसफ ार्मर वापस किया जाए ताकि नया ट्रांसफार्मर दिया जा सके। लेकिन, प्रबंधन द्वारा इस पर कोई अंतिम निर्णय न लेकर अभियंताओं को फंसाने की साजिश रची जा रही है। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेशभर के अभियंता धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होेंगे।