ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि जनजातियों ने ही संस्कृति, वेशभूषा, लोकनृत्य, वाद्ययंत्र आदि धरोहरों को संजोकर रखा है। इस तरह के आयोजनों से पहाड़ी संस्कृति से छिटक रही युवा पीढ़ी को अपनी विरासत के बारे में जानने का मौका मिलता है।
गामा रविवार को पवेलियन ग्राउंड में जौनसार बावर क्षेत्र विकास समिति की ओर से आयोजित उत्तराखंड जनजातीय महोत्सव-2019 को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान लोक गायक किशन महिपाल, माधुरी बड़थ्वाल, बंटी राणा, नंदलाल भारती, मोहन सिंह चौहान आदि ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समा बांध दिया। कार्यक्रम के समापन तक लोग लोक प्रस्तुतियों पर थिरकते रहे। इससे पहले कार्यक्रम में पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर भाजपा राष्ट्रीय सचिव तीरथ सिंह रावत, विधायक खजानदास, जॉर्ज आईवन ग्रेगरी मैन, प्रदेश अध्यक्ष जनजाति मोर्चा भाजपा रामकृष्ण सिंह रावत, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, मूरत राम शर्मा, चंद्र सिंह ग्वाल, प्रताप सिंह रावत आदि ने भी अपने विचार रखे। जौनसार बावर क्षेत्र विकास समिति के अध्यक्ष गीता राम गौड़ ने बताया कि महोत्सव सोमवार को समाप्त होगा। इसमें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लेंगे। वहीं वित्त मंत्री प्रकाश पंत कैबिनेट के चलते कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके। कार्यक्रम का संचालन बारू सिंह चौहान, सुशील गौड़, सत्येंद्र सिंह पाल एवं ध्वजवीर सिंह ने किया। इस मौके पर सरदार सिंह चौहान, रघुवीर सिंह राणा आदि मौजूद रहे।
स्वच्छ भारत अभियान समेत कई विषयों पर प्रस्तुत किए कार्यक्रम
महोत्सव के दौरान कलाकारों ने स्वच्छ भारत अभियान, स्वच्छ गंगा-यमुना अभियान, पर्यावरण संरक्षण, पलायन रोको चलो गांव की ओर, आबाद करें अपनी माटी आदि विषयों पर नाटक और गीत-संगीत की प्रस्तुतियां दीं।
स्टॉलों पर उमड़ी भीड़
महोत्सव स्थल पर आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी एवं पहाड़ी व्यंजनों के स्टॉल लगे हैं। इसका लोगों ने भरपूर लुत्फ उठाया और पहाड़ी दालों की खरीदारी भी की।
शहीदों को सौपेंगे एकत्र धनराशि
समिति अध्यक्ष गीता राम गौड़ ने बताया कि दो दिवसीय महोत्सव के दौरान जनसहयोग से जो भी धनराशि एकत्र होगी, उसे मुख्यमंत्री के जरिये पुलवामा हमले के शहीदों के परिजनों को सौंपा जाएगा।