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आज से प्रदेशभर में बंद रहेंगे निजी अस्पताल

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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
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संशोधित क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट लागू करने और वन टाइम सेटलमेंट स्कीम में छूट देते हुए शामिल करने की मांग के समर्थन में भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) के अधीन प्रदेशभर के सभी निजी अस्पताल शुक्रवार से बेमियादी तालाबंदी कर विरोध जताएंगे। इस दौरान इमरजेंसी, ओपीडी और मरीज भर्ती करने समेत सभी सेवाएं ठप रहेंगी। केवल पहले से भर्ती मरीजों को ही उपचार मिलेगा।
आईएमए के प्रदेश सचिव डॉ. डीडी चौधरी ने कहा कि समझौते के बावजूद सरकार क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में उनके सुझावों और संशोधनों को शामिल नहीं कर रही है। इससे आईएमए सदस्यों में खासा आक्रोश है। आईएमए दून शाखा के अध्यक्ष डॉ. संजय गोयल ने कहा कि सरकार वन टाइम सेटलमेंट स्कीम के तहत उन्हें छूट नहीं दे रही है। आए दिन उनके भवन प्रावधानों को लेकर शासन-प्रशासन की ओर से चेतावनी दी जा रही है। हमारे भवनों को अवैध बताया जा रहा है। जब हमारे भवन अवैध हैं तो हम खुद ही उन पर तालाबंदी कर देंगे।
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अनिश्चितकाल तक रहेगी बंदी
आईएमए दून शाखा के अध्यक्ष डॉ. संजय गोयल ने कहा कि आंदोलन में प्रदेशभर के निजी चिकित्सक, अस्पताल, क्लीनिक व नर्सिंग होम आंदोलन में शामिल होंगे। शुक्रवार सुबह आठ बजे से सभी निजी अस्पताल, क्लीनिक व नर्सिंग होम संचालक अपने-अपने प्रतिष्ठानों पर तालाबंदी करेंगे। हालांकि भर्ती मरीजों को फिलहाल उपचार दिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय समझौता वार्ता में तमाम मुद्दों पर सहमति बनी थी, लेकिन अब सरकार इसे लागू कराने में आनाकानी कर रही है। इन सुझावों को शामिल करते हुए संशोधित एक्ट लागू करने की मांग की जा रही है। अस्पतालों को आयुष्मान योजना के तहत मरीजोें का इलाज करने लिए बाध्य किया जा रहा है। इसके विरोध में शुक्रवार से सभी निजी अस्पतालों में बेमियादी तालाबंदी का निर्णय लिया गया है।
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-डॉ. संजय गोयल, अध्यक्ष, दून आईएमए
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निजी अस्पतालों में तालाबंदी की सूचना मिलने के बाद सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। अतिरिक्त ओपीडी व भर्ती मरीजों की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था करने को कहा गया है। सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को उपचार मिले, इसकी व्यवस्था की गई है।
-डॉ. एसके गुप्ता, सीएमओ, देहरादून
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