ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। सरकार की सख्ती के बाद आखिरकार शुक्रवार शाम 108 एंबुलेंस सेवा के फील्ड कर्मचारियों ने अपना सामूहिक कार्यबहिष्कार समाप्त कर दिया। कर्मचारी रात आठ बजे की शिफ्ट से काम पर लौट आए हैं। आज शनिवार से पूरे प्रदेश में 108 एंबुलेंस और खुशियों की सवारी की सेवाएं पूरी तरह बहाल हो जाएंगी।
सात सूत्री मांगों के लिए पिछले तीन दिन से सामूहिक कार्यबहिष्कार कर रहे जीवीके फील्ड कर्मचारियों ने शुक्रवार रात आठ बजे ड्यूटी ज्वाइन कर ली है। बृहस्पतिवार को सचिवालय में अपर सचिव स्वास्थ्य अरुणेंद्र चौहान ने कर्मचारी नेताओं और 108 प्रबंधन की बैठक ली थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि जीवन रक्षक सेवा के कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार पर रहने से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवा गड़बड़ा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जीवीके प्रबंधन को तुरंत व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दिए थे। उसके बाद प्रबंधन ने भी चेताया कि काम पर लौटने के बाद ही कर्मचारियों की बात सुनी जाएगी। अन्यथा नई भर्ती शुरू की जाएगी। साथ ही सेवा बहाली के लिए प्रबंधन ने वैकल्पिक व्यवस्था भी कर दी थी। सरकार की सख्ती पर कर्मचारी नेता झुकने को मजबूर हुए।
कर्मचारी नेता बोले, कुछ बिंदुओं पर बनी सहमति
इस संबंध में 108 फील्ड कर्मचारी संगठन के प्रदेश सचिव विपिन जमलोकी ने बताया कि प्रबंधन ने कर्मचारियों के उत्पीड़नात्मक नीति लागू न करने और कोड ऑफ कंडक्ट के दस्तावेजों को हस्ताक्षर न करवाने की उनकी मांग पर सहमति जताई है। इसके अलावा 14-15 अगस्त का वेतन न काटने, कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए समिति गठित करने और प्रत्येक माह की पांच तारीख को वेतन जारी करने की मांग पर जल्द फैसला लेने का आश्वासन दिया है।
मरीजों ने झेली दिक्कत
कर्मचारियों के सामूहिक कार्यबहिष्कार पर रहने से शुक्रवार को तीसरे दिन भी कुछ इलाकों में मरीजों को 108 न मिलने पर भारी दिक्कतों को सामना करना पड़ा। हालांकि ज्यादातर एंबुलेंस का संचालन वैकल्पिक व्यवस्थाओं के जरिये शुरू कर दिया गया था। जिसकी वजह से अधिकतर लोगों को राहत मिली।
दस साल से कर्मचारी हमसे एक परिवार की तरह जुड़े हैं। राज्य के लोगों की समस्याओं को देखते हुए कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। उनकी जो समस्याएं हैं, उनका मिल-बैठकर समाधान निकाला जाएगा।
मनीष टिंकू, प्रदेश प्रभारी, 108 सेवा