ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
राज्य के होटल संचालकों ने नर्सिंग होम व अस्पतालों की तर्ज पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पंजीकरण शुल्क माफ किए जाने की मांग की है। इस मांग पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर आदि राज्यों में अपनायी जा रही प्रक्रिया का अध्ययन कर रहा हैै।
बता दें, बीते दिनों प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बैठक में राज्य में संचालित सभी नर्सिंग होम व अस्पतालों से पंजीकरण शुल्क वर्ष 2016 तक के लिए माफ कर दिया गया था। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अस्पताल संचालकों से वर्ष 2016 से सहमति शुल्क व प्राधिकार शुल्क अलग अलग दरों पर वसूला जाएगा, लेकिन इसके पहले के तमाम शुल्क बोर्ड ने माफ कर दिए। इसी तर्ज पर अब राज्य के होटल संचालकों ने पंजीकरण समेत अन्य शुल्क माफ करने की मांग की है।
होटल एसोसिएशन का कहना है कि पर्वतीय राज्य होने की वजह से यात्रा सीजन के दौरान ही कमायी होती है। ऐसे में अस्पतालों की तर्ज पर उनका शुल्क भी माफ किया जाएगा। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि का कहना है कि होटल संचालकोें की मांग पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर जैसे पर्वतीय राज्योें में अपनायी जा रही प्रक्रिया का अध्ययन किया जा रहा है। तमाम पहलुओं पर विचार विमर्श करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।