ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून। अपनी नौ सूत्री मांगों के लिए उत्तराखंड दिव्यांग सशक्तिकरण एसोसिएशन के सदस्य रविवार को सड़क पर उतर आए। मुख्यमंत्री का घेराव करने जा रहे दिव्यांग प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हाथी बड़कला के पास रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में नोकझोंक हुई। मामला बढ़ता देख मुख्यमंत्री के सलाहकार डा. नवीन बलूनी मौके पर पहुंचे, लेकिन गुस्साए प्रदर्शनकारी सीएम और मुख्य सचिव से मुलाकात करने पर अड़ गए। आखिर बलूनी ने दोनों के बाहर होने की बात कहते हुए प्रदर्शनकारियों को शांत कराया।
रविवार को उत्तराखंड दिव्यांग सशक्तिकरण एसोसिएशन के सदस्य अपनी मांगे मनवाने के लिए मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे थे। हाथी बड़कला के पास प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोक लिया। इस पर प्रदर्शनकारी भड़क गए। पुलिस और प्रदर्शनकारियों में जमकर नोकझोंक शुरू हो गई। विवाद बढ़ने की सूचना पर मुख्यमंत्री के सलाहकार डा. नवीन बलूनी कुछ अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से मुलाकात करवाने का लिखित आश्वासन दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी आज ही मुलाकात करने पर अड़ गए। इस पर डा. बलूनी ने बताया कि मुख्यमंत्री इस समय शहर से बाहर हैं उनके लौटने पर एसोसिएशन सदस्यों की मुलाकात करवा दी जाएगी। उसके बाद पुलिस की गाड़ी से सभी प्रदर्शनकारियों को महाराजा अग्रसेन चौक स्थित जैन धर्मशाला में छुड़वा दिया। इस दौरान दिव्यांग एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित डोभाल ने बताया कि एसोसिएशन के साठ लोगों के रुकने की व्यवस्था जैन धर्मशाला में डा. नवीन बलूनी के की है।
यह प्रमुख मांगें
>> दिव्यांगों को 3500 रुपये मासिक पेंशन दी जाए।
>> दिव्यांगजनों के लिए अलग से आयोग गठित हो।
>> आयोग में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य दिव्यांग ही हों।
>> दिव्यांग एसोसिएशन को निजी सेक्टर में आरक्षण मिले।
>> विद्यालयों में विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की जाए आदि।