रुड़की। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के वार्डेन की जिम्मेदारी रिटायर शिक्षिकाओं को देने की तैयारी की जा रही है। अब तक कस्तृूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की जिम्मेदारी शिक्षिकाओं के पास है, लेकिन इस पद की संवेदनशीलता को देखते हुए शिक्षिकाएं इस जिम्मेदारी को लेने को तैयार नहीं है।
जिले में सात कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय संचालित हैं। प्रत्येक ब्लाक में एक-एक कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय है। जबकि भगवानपुर में दो कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय है। इन सभी सात विद्यालयों के वार्डेन की जिम्मेदारी शिक्षिकाओं को दी गई है, लेकिन वार्डेन की जिम्मेदारी लेने को शिक्षिका तैयार नहीं है। क्योंकि यह पद बेहद संवेदनशील है, वहीं 24 घंटे की ड्यूटी शिक्षिका को देनी होती है। फिर किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी पूर्णरूप से वार्डेन की होती है। वहीं, शिक्षिका स्कूल में पांच घंटे की ड्यूटी देनी होती है। इसलिए वार्डेन की जिम्मेदारी लेने को शिक्षिकाएं तैयार नहीं है। इस स्थिति से निपटने के लिए विभागीय अधिकारियों ने फैसला लिया है कि इन आवासीय विद्यालयों के वार्डेन की जिम्मेदारी ऐसी रिटायर शिक्षिकाओं को दी जाए, जो पूर्णरूप से स्वस्थ्य है और उनमें काम करने की क्षमता हो। इन रिटायर शिक्षिकाओं को इसके बदले में प्रतिमाह 25 हजार रुपये वेतन भी दिया जाएगा। इस बाबत आदेश जारी कर दिए गए है। जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक ब्रह्मपाल सिंह सैनी ने अधिकारियों के आदेश मिलने की पुष्टि की है।