ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
आपदा के दौरान तत्काल राहत एवं बचाव कार्य के लिए स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एसडीआरएफ) को प्रदेश में 32 जगहों पर तैनात किया गया है। फोर्स की कुल चार कंपनियों के सोनप्रयाग, उजैली (उत्तरकाशी), बद्रीनाथ और पिथौरागढ़ में मुख्यालय बनाए गए हैं। इनमें से टीमों और सब टीमों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है, जिनमें गोताखोर, पैरामेडिकल स्टाफ और माउंटेनिंग टीम शामिल है। का दावा है कि वर्तमान में एसडीआरएफ किसी भी प्रकार की आपदा में राहत एवं बचाव कार्य के लिए सक्षम है।
पुलिस महानिरीक्षक संजय कुमार गुंज्याल ने बताया कि वर्ष 2013 में गठन के बाद से ही एसडीआरएफ को हर प्रकार की चुनौती से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है। वर्तमान में एसडीआरएफ में अलग-अलग क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखने वाले लोग मौजूद हैं। इसी के हिसाब से आपदा प्रभावित और आपदा के लिहाज से अति संवेदनशील स्थानों पर एसडीआरएफ की टीम और सब टीमों को तैनात गया है। ढालवाला, ऋषिकेश और नैनी झील, नैनीताल में बाढ़ में विशेषज्ञता रखने वाली फ्लड टीम को रखा गया है। इसके अलावा जिस क्षेत्र में जैसी आपदा आने की संभावना सर्वाधिक रहती है, वहां उसी तरह की विशेषज्ञता वाली टीम मौजूद है।
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जिलावार एसडीआरएफ सब टीमों की तैनाती
रुद्रप्रयाग : गौरीकुंड (2), सोनप्रयाग, भीमबली केदारनाथ (2), लिनचौली (2)
उत्तरकाशी : उजैली, भटवाड़ी, गंगोत्री, भोजवासा, स्यानाचट्टी, बड़कोट, यमुनोत्री
पिथौरागढ़ : पुलिस लाइन, पिथौरागढ़, धारचूला, बूंदी, गूंजी और पांगला
चमोली : बद्रीनाथ, पांडुकेश्वर, गौचर, भ्यूंडार और घांघरिया
टिहरी गढ़वाल : ढालवाला (3), घनसाली
बागेश्वर : कपकोट
पौड़ी : सतपुली (2)
अल्मोड़ा : सरियापानी
देहरादून : एसडीआरएफ मुख्यालय जौलीग्रांट (8), चकराता, सहस्रधारा (चार सब टीमें, माउंटेनिंग टीम)