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गैंगरेप के प्रयास के आरोप से पति और दो मित्र बरी

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गैंगरेप के प्रयास के आरोप से पति और दो मित्र बरी
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। पत्नी से गैंगरेप का प्रयास करने के मामले में न्यायालय ने आरोपी पति व उसके दो मित्रों को बरी कर दिया है। महिला ने आठ दिसंबर 2014 को गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कराया था। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश गुरुबख्श सिंह ने उन्हें सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता आशुतोष गुलाटी ने बताया कि आठ दिसंबर 2014 को महिला ने पटेलनगर कोतवाली में तहरीर दी थी। जिसमें बताया गया था कि उसका विवाह अरशद के साथ हुआ था। महिला ने आरोप लगाया गया था कि विवाह के कुछ समय बाद से ही आरोपी पति शराब पीकर उससे मारपीट करता था। एक दिन पति अपने दोस्तों को घर लेकर आया और सभी ने शराब पीकर उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। वह वहां से किसी तरह भाग निकली और कोतवाली पहुंची। उसने अरशद और उसके दो दोस्तों दानिश व रईस के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
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मामले की विवेचना के बाद आरोप-पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से दोष सिद्ध नहीं हो सका। वहीं आरोपी अरशद ने अपने बयान में न्यायालय को बताया कि उसके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है, जबकि उसका पत्नी से प्रेम विवाह हुआ था। अभियोजन की ओर से बहस में तर्क रखा गया कि चूंकि पीड़िता का अपने पति से समझौता हो गया है, इसलिए वह सही बयान नहीं दे रही है। न्यायालय ने माना कि मौखिक व दस्तावेजी साक्ष्यों के अभाव में आरोपियों के विरुद्ध कोई दोष साबित नहीं हो पाए हैं। इस पर न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
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