बावा ग्लास और लक्ष्मी ग्लास के ठिकानों पर आयकर छापा
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। आयकर विभाग की टीमों ने बुधवार को कानपुर की बावा ग्लास शीट कंपनी और लक्ष्मी ग्लास ग्रुप के देहरादून, कानपुर, गाजियाबाद, इलाहाबाद व दिल्ली स्थित प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। इस दौरान मौके से कई दस्तावेज जब्त किए गए। देर रात तक आयकर विभाग की कार्रवाई जारी थी।
आयकर इनवेस्टिगेशन प्रमुख अमरेंद्र शिवनाथ के नेतृत्व में आयकर विभाग की लखनऊ, देहरादून और कानपुर की टीमों ने अलग-अलग शहरों में बुधवार की सुबह आठ बजे छापे मारे। टीमों ने देहरादून में बावा ग्लास के भंडारी बाग स्थित गोदाम व कार्यालय को भी खंगाला। यहां से बड़ी संख्या में स्टॉक व आय-व्यय के रिकॉर्ड कब्जे में लिए। दून में 20 से ज्यादा अधिकारियों की टीम ने छापेमारी की। खबर लिखे जाने तक कार्रवाई जारी थी। इन दोनों कंपनियों पर नोटबंदी के दौरान ग्राहकों से मोटी रकम इकट्ठा करने, रियल एस्टेट में बड़े पैमाने पर रकम खपाने की आशंका के तहत यह कार्रवाई की गई है। आयकर विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक बावा ग्रुप के मालिक राधा कृष्ण अग्रवाल, बृंदाबन बिहारीलाल अग्रवाल, सौरभ अग्रवाल आदि हैं, जबकि लक्ष्मी ग्रुप में लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, अमित गुप्ता, अरविंद कुमार गुप्ता, अशोक कुमार गुप्ता आदि मालिक हैं। आयकर विभाग सभी दस्तावेजों की जांच करने में जुटा हुआ है।
नोटबंदी ने खोली पोल
वर्ष 2016 में नोटबंदी के दौरान खातों में जमा हुई रकम ने बावा ग्रुप और लक्ष्मी ग्रुप की पोल खोली है। इन दोनों ग्रुपों पर नोटबंदी के दौरान ग्राहकों से बड़े स्तर पर एडवांस लेने, सप्लायर्स से एडवांस लेने का आरोप है। इसके अलावा दोनों ग्रुप पर बड़ी प्रॉपर्टी और अचल संपत्ति इकट्ठा करने का भी आरोप है।