ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
विभिन्न मांगों को लेकर उत्तराखंड कार्मिक, शिक्षक, आउटसोर्स संयुक्त मोर्चा के बैनर तले शिक्षक-कर्मचारी 18 मई को राजधानी में गरजेंगे। परेड मैदान में शक्ति प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ आक्रोश जताएंगे।
रविवार को मोर्चा की बैठक यूनियन भवन में हुई। मुख्य संयोजक ठाकुर प्रह्लाद सिंह ने कहा कि बीते तीन मई को मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को मांगपत्र दिया गया था। लेकिन अभी तक सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया। कहा कि कर्मचारियों की हड़ताल से जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि वह उनकी जायज मांगों को पूरा करें। तय हुआ आगामी 18 मई को परेड मैदान में शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा। जिसमें प्रदेश भर से हजारों शिक्षक और कर्मचारी शामिल होंगे। संचालन मोर्चा संयोजक रवि पचौरी ने किया। बैठक में संतोष रावत, रामचंद्र रतूड़ी, सोहन सिंह, दिग्विजय सिंह, राजेंद्र बहुगुणा, बनवारी सिंह रावत, कुलदीप पंवार, प्रदीप सती, शिवप्रसाद भट्ट, नरेंद्र सिंह रावत आदि मौजूद रहे।
...................
आज आईटीआई में होगी गेट मीटिंग
बैठक के दौरान तय हुआ कि आज सोमवार को आईटीआई निरंजनपुर में गेट मीटिंग होगी। इस दौरान सभी पदाधिकारियों में गेट मीटिंग में शामिल होने के निर्देश दिए गए।
.........................
कार्मिकों, शिक्षकों, आउटसोर्स कर्मियों की प्रमुख मांगें
- शिक्षकों-कर्मचारियों को सेवाकाल में शासन के कार्मिक विभाग की ओर से जारी नियमावली के तहत तीन पदोन्नति स्वीकृत या तीन एसीपी का लाभ दिया जाए।
- 4600 ग्रेड वेतन प्राप्त शिक्षकों को 17140 रुपये मूलवेतन अनुमन्य कर संवर्गीय वेतन विसंगति दूर की जाए।
- पूर्व एसीपी 10,16,26 पदोन्नति के साथ कार्मिकों को दी जाए, ऊर्जा निगम के कार्मिकों को 9,14,19 एसीपी का लाभ मिले।
- चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों को एसीपी के तहत ग्रेड पे 4200 रुपये मिले तथा ढांचों में खत्म पदों को फिर से लागू किया जाए।
- सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन पॉलिसी लागू की जाए।
- विभागों के एकीकरण के नाम पर पदों को खत्म न किया जाए।
- सार्वजनिक निगमों, उपक्रमों, स्वायत्तशासी संस्थाओं, जिन्हें सातवें वेतनमान के तहत एरियर का भुगतान नहीं हुआ है, उन्हें एरियर दिया जाए।
- यू-हेल्थ कार्ड योजना का लाभ राजकीय, शिक्षकों, सार्वजनिक निगमों, उपक्रमों, स्वायत्तशासी संस्थाओं एवं आउटसोर्स को एकसाथ दिया जाए।
- उपनल, आउटसोर्स, पीटीसी, विशेष श्रेणी के जरिये कार्यरत कार्मिकों को नियमित किया जाए, या फिर उच्चतम न्यायालय के आदेश के तहत समान कार्य समान वेतन एवं न्यूनतम वेतन 15,18,21,24,28 हजार प्रतिमाह मिले।
- स्थानांतरण एक्ट के तहत 55 वर्ष पूरी कर चुके पुरुष एवं 50 वर्ष पूरी कर चुकी महिला कार्मिकों को एक्ट से मुक्त रखा जाए। कार्यस्थल की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार स्थानांतरण का निर्धारण हो।
- इंदु कुमार पांडे की अध्यक्षता में गठित वेतन समिति को भंग किया जाए तथा पूर्व की तरह मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वेतन विसंगतियों का निराकरण कराया जाए।
- शिथिलीकरण की व्यवस्था को बहाल किया जाए। सभी कार्मिकों को 1200 रुपये वाहन भत्ता दिया जाए।