ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
अगर कॉलेजों ने फीस बढ़ाई तो हमारे बच्चे आर्थिक कमजोरी की वजह से मेडिकल का एडमिशन रद्द करवाने को मजबूर होंगे। रविवार को अभिभावकों ने कुछ इसी तरह तीनों निजी विश्वविद्यालयों से शुल्क बढ़ोतरी का फैसला वापस लेने की मार्मिक अपील की। उनका कहना है कि अगर यह बदलाव न हुआ तो उनका सपना टूट जाएगा।
हाल ही में कैबिनेट की बैठक में स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी, एसजीआरआर यूनिवर्सिटी और सुभारती यूनिवर्सिटी को शुल्क निर्धारित करने की अनुमति प्रदान की गई है। इस अनुमति के बाद पीजी कोर्सेज की फीस आठ-दस लाख रुपये से बढ़कर 24-30 लाख रुपये हो गई है। यह शुल्क वृद्धि गत वर्ष से लागू कर दी गई है। इससे अभिभावक काफी परेशान हैं। उन्होंने एक अपील जारी की। इसमें कहा कि अगर यह फैसला वापस न लिया गया तो मेडिकल के कुल 450 में से 350 से ज्यादा छात्र अपने दाखिले रद्द कराने को मजबूर होंगे, क्योंकि इतनी भारी भरकम फीस वह अदा नहीं कर पाएंगे। उन्होंने सरकार से भी अपील की कि पूर्व की निर्धारित फीस ही लागू कराई जाए।