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क्रिकेटरों को खेलने से रोकने का आरोप

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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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क्रिकेटरों को खिलाने के मुद्दे पर एक बार फिर विवाद छिड़ गया है। इस बार रामराज क्रिकेट एकेडमी ने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (सीएयू) पर क्रिकेटरों को खेलने से रोकने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। वहीं, सीएयू ने साफ किया है कि वह अनाधिकृत प्रतियोगिताओं में खेलने वाले खिलाड़ियों को अपनी प्रतियोगिता में प्रतिबंधित रखेगी।
शुक्रवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रामराज क्रिकेट एकेडमी के अध्यक्ष राजेश रावत ने आरोप लगाया कि सीएयू ने खिलाड़ियों को फोन कर उन्हें ट्रायल में शामिल नहीं होने के लिए धमकाया। ट्रायल में हिस्सा लेने पर खिलाड़ियों को अन्य प्रतियोगिताओं में प्रतिबंधित करने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे युवा क्रिकेटरों में खासी निराशा है। सीएयू सालभर में केवल दो ही टूर्नामेंट आयोजित करती है। ऐसे में खिलाड़ियों के पास खेलने के विकल्प बहुत कम हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को किसी भी संस्था या एसोसिएशन के तत्वावधान में होने वाली प्रतियोगिता में खेलने की छूट देने की मांग की।
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सीएयू की प्रतियोगिता में प्रतिबंध : महिम
आरोपों पर सीएयू के कार्यकारी सचिव महिम वर्मा ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने एडवाइजरी जारी कर खिलाड़ियों के अनाधिकृत टूर्नामेंट खेलने पर रोक लगाई है। यूपीसीए का हिस्सा होने के चलते सीएयू इन नियमों को मानने के लिए बाध्य है। वैसे भी सीएयू ने अनाधिकृत रूप से खेलने वाले खिलाड़ियों को केवल अपने टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से प्रतिबंधित किया है। सीएयू की ओर से या उससे संबद्ध प्रतियोगिताओं में खिलाड़ी हिस्सा नहीं ले सकेंगे। बाकी, खिलाड़ी जहां चाहे वहां से खेलने के लिए स्वतंत्र हैं। खिलाड़ी को किस एसोसिएशन के साथ खेलना है, यह फैसला उन्हें खुद ही लेना होगा।
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