ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में मंगलवार को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत हम हैं बेटियां कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि राज्यपाल डा. कृष्णकांत पाल ने कहा कि महिलाओं को मजबूत किए बिना सशक्त समाज की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने महिला सशक्तीकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए विशेष कौशल विकास कार्यक्रम संचालित करने होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम के माध्यम से एक सामाजिक क्रांति प्रारंभ की है। महिलाओं की तरक्की के बिना कोई भी समाज प्रगति नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति संकीर्ण मानसिकता एक सामाजिक समस्या है, जिसका निदान कानून का सख्ती से पालन करने के साथ ही समाज को भी करना होगा।
उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए कुछ समय पूर्व पीएनडीटी एक्ट लागू किया गया था। बहुत सख्त प्रावधान होने के बावजूद इसमें लोगों ने शिकायतें नहीं की। उन्होंने कहा कि मौका मिलने पर हमेशा महिलाओं ने खुद को साबित किया है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए बालिका शिक्षा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।
कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि हर बेटे और बेटी में समान संभावनाएं होती हैं। बेटियों को अवसर मिले तो वह बेटों से अधिक कामयाब होती हैं। इस अवसर पर विवि के कुलपति डा. उदय सिंह रावत समेत अन्य मौजूद रहे।