अनसूया प्रसाद मलासी
अगस्त्यमुनि। जखोली और अगस्त्यमुनि ब्लॉक के 20 से अधिक गांवों के ग्रामीणों को अब तिलवाड़ा और रुद्रप्रयाग पहुंचने के लिए मीलों का फेरा नहीं लगाना पड़ेगा। 7 वर्ष से मंदाकिनी नदी पर झूला पुल निर्माण का ग्रामीणों का इंतजार खत्म होने को है। लोनिवि ने दोनों एबेडमेंट तैयार करने के साथ ही पुल को जोड़ने का कार्य भी शुरू कर दिया है।
जखोली ब्लाक के चाका, फलाटी, बुडोली, मुसाढुंग कुमड़ी, डांगी, गुनाऊं सहित अगस्त्यमुनि ब्लाक, तल्लानागपुर पट्टी के गांवों के ग्रामीणों का सात साल का इंतजार डेढ़ माह में खत्म हो जाएगा। लोनिवि ने तीन दिन पूर्व से पुल के दोनों एबेडमेंट के बीच में गंगतल-महादेव झूला पुल को जोड़ने का काम शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि डेढ़ माह में पुल का कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद दोनों तरफ लिंक रास्ता तैयार कर आवाजाही शुरू कर दी जाएगी। झूला पुल बनने से जखोली और अगस्त्यमुनि ब्लाक के 20 से अधिक गांवों के ग्रामीणों को अब सूर्याप्रयाग-मुसाढुंग और सिल्ली पैदल मार्ग से 10 से 15 किमी अतिरिक्त सफर नहीं करना पड़ेगा। अब, ग्रामीण 15 मिनट से आधा घंटे में पुल के रास्ते हाईवे में पहुंचकर अगस्त्यमुनि, तिलवाड़ा व रुद्रप्रयाग आसानी से पहुंच पाएंगे। ग्राम प्रधान भगत कंडारी, इंद्र लाल, बलवीर सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य चंद्रकला, निर्मला बहुगुणा ने खुशी जताते हुए कहा कि 7 वर्षों से हो रहा इंतजार अब खत्म होने वाला है। झूला पुल बनने से अब गांवों तक पहुंच आसान हो जाएगी। बता दें कि वर्ष 2006 में जखोली और अगस्त्यमुनि ब्लाक के 20 से अधिक गांवों को रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे से जोड़ने के लिए मंदाकिनी नदी पर गंगतल में गंगतल-महादेव झूला पुल स्वीकृत किया गया था। 2010 में पुल का निर्माण तो शुरू हुआ, लेकिन विभाग कभी धनाभाव तो कभी अन्य कारणों का हवाला देते हुए पुल निर्माण में देरी करता रहा।
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रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर मंदाकिनी नदी पर गंगतल-महादेव झूला पुल को जोड़ने का कार्य इन दिनों तेजी से किया जा रहा है। एक से डेढ़ माह में कार्य पूरा कर दिया जाएगा।
-- मूलचंद गुप्ता, ईई लोनिवि, प्रांतीय खंड रुद्रप्रयाग