देहरादून। दुनिया के सबसे बडे़ लोकतांत्रिक देश में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। ऐसे में बृहस्पतिवार को अमर उजाला कार्यालय में चुनावी मुद्दों पर हुए संवाद में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने अपने विचार रखे। उन्होंने सरकार के पांच साल के कार्यकाल का विश्लेषण कर सरकार की उपलब्धियों और कमियों पर चर्चा की।
लोकतंत्र के पर्व में मतदान महत्वपूर्ण कार्य है। इस दिन मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सरकार का चुनाव करते हैं। देश की मजबूत के लिए मजबूत सरकार चुनने के लिए विभिन्न मुद्दों पर हुई चर्चा में समाजसेवा में लगे लोगों ने अधिक से अधिक लोगों से मतदान की अपील की। कहा कि रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे अहम मुद्दों पर काम करने वाले प्रत्याशियों को ही प्राथमिकता दी जाएगी। अब देश का युवा वर्ग ज्यादा जागरूक है। युवा सोच समझकर मतदान करते हैं।
राज्य की समस्याओं पर समाजसेवियों ने कहा कि प्रदेश में पलायन और स्वास्थ्य बड़े मुद्दे हैं। अब तक की सरकारों ने इन अहम मुद्दों पर प्रमुखता से काम नहीं किया है। जनप्रतिनिधियों ने प्रदेश की समस्याओं को सही तरीके से संसद में नहीं उठाया गया। प्रदेश में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए भी सरकार को काम करना होगा।
राजनीति का गिरा स्तर
वर्तमान समय में राजनीति का स्तर गिरा है। जन सभाओं में नेता विपक्षियों पर अनर्गल आरोप लगाते हैं। कई बार तो निजी जीवन पर कटाक्ष किए जाते हैं। जमीनी मुद्दों पर बहुत कम बात की जाती है। इससे मतदाताओं में उदासीनता बढ़ती है। समाजसेवियों ने कहा कि मंचों से नेताओं के भाषणों में जन सरोकार के मुद्दे गायब हो गए हैं।
भ्रष्टाचार और रोजगार बड़ा मुद्दा
केंद्र की सरकार के पांच साल के कार्यकाल की बात करते हुए समाजसेवियों ने कहा कि पांच साल में सरकार ने भ्रष्टाचार और रोजगार पर उम्मीद के अनुसार काम नहीं हुआ। कुछ समाजसेवियों ने कहा कि भ्रष्टाचार कम हुआ लेकिन समाप्त नहीं हुआ। राष्ट्र के विकास के लिए नई सरकार को दोनों मुद्दों पर प्रमुखता से काम करना होगा।
सड़कों पर प्रदर्शनों से परेशानी
समाजसेवियों ने कहा कि सड़कों पर हो रहे प्रदर्शनों से लगने वाले जाम के कारण राहगीर परेशान हो जाते हैं। पिछले कुछ साल में मांगों को लेकर लोगों ने सड़कों पर जमकर प्रदर्शन किया है। जिससे राहगीरों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि लोग सड़कों पर प्रदर्शन न करें।