ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। राष्ट्रीय महिला साहित्य सम्मेलन का आयोजन दून में मार्च में किया जाएगा। इसके अलावा गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर महिला कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया जाएगा। बुधवार को उत्तराखंड हिंदी साहित्य अकादमी और उत्तराखंड भाषा एवं हिंदी साहित्य सम्मेलन समिति की ओर से आयोजित शोध प्रविधि पाठ्यक्रम के शुभारंभ पर वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने इसकी घोषणा की।
इस दौरान उन्होंने कहा कि साहित्य में महिलाओं की हमेशा से अहम भूमिका रही है। महिला साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने के लिए यह आयोजन किए जाएंगे। राज्य सरकार के सहयोग से उत्तराखंड भाषा संस्थान अधिनियम अप्रैल 2018 के अंतर्गत कार्यकारिणी जल्द गठित की जाएगी। इसके अंतर्गत नियमावली मुख्यमंत्री के सामने विचाराधीन है। जल्द इसे तैयार कर संस्थान की हिंदी, उर्दू, पंजाबी, लोक भाषा अकादमियों को विधिवत संचालित किया जाएगा। भाषा संस्थान के निदेशक बीआर टम्टा ने बताया कि जल्द वार्षिक गतिविधियों का कैलेंडर जारी किया जाएगा। इस अवसर पर संस्कृत विवि की पूर्व कुलपति एवं कार्यक्रम की मुख्य वक्ता प्रो. सुधा रानी पांडेय ने शोध के विविध आयामों के विषय में मार्गदर्शन किया। भाषा संस्थान की पूर्व निदेशक प्रो. सविता मोहन ने शोध कार्य के आधुनिक तरीकों के संपर्क में रहने की सलाह दी। मौके पर उत्तराखंड भाषा एवं साहित्य सम्मेलन समिति की अध्यक्ष डॉ. राखी उपाध्याय, डॉ. राजेश पाल, डॉ. मेनका त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।