चंबा (टिहरी)। जायका परियोजना और चिंतन संस्था धनोल्टी में घर-घर से कूड़ा एकत्र करेगी। योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए जैविक और अजैविक कूड़े को अलग-अलग कर खाद भी बनायी जाएगी। साथ ही धनोल्टी के जंगलों में प्लास्टिक ले जाने पर भी बैन लगाया जाएगा।
धनोल्टी में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन कचरा प्रबंधन की कोई व्यवस्था नहीं होने से जहां-तहां कूड़ा बिखरा रहता है। यही कारण है कि सैलानी की संख्या यहां धीरे-धीरे कम होने लगी है। इसका असर यहां के व्यापार पर भी पड़ने लगा है। ऐसे में धनोल्टी को खूबसूरत बनाने के लिए जायका परियोजना और चिंतन संस्था ने सभी दुकानों से कूड़ा एकत्र करने का खाका तैयार किया है। सार्वजनिक स्थानों पर भी जैविक और अजैविक कूड़ेदान रखे जाएंगे। जैविक कचरे से खाद बनायी जाएगी और अजैविक कचरा बेचा जाएगा। धनोल्टी घूमने आने वाले सैलानियों से जंगलों में बिस्कुट, चिप्स व अन्य पॉलीथिन को नहीं छोड़ने की अपील की जाएगी। संस्था के प्रबंधक दीपक उपाध्याय का कहना है कि व्यापारियों को कूड़ादान वितरित किए जा रहे हैं। डोर टू डोर कूड़ा योजना के लिए वाहन क्रय किया जा रहा है। जैविक कूड़े से खाद बनायी जाएगी।