ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
प्रदेश के बेरोजगार युवाओं ने बेरोजगारी, भर्तियों में गड़बड़ी, नई नियुक्तियों समेत कई मामलों में सरकार पर धोखे का आरोप लगाया है। इस बाबत मंगलवार को राजधानी में जुटे प्रदेशभर के बेरोजगारों ने विधानसभा भवन की ओर कूच किया। बेरोजगारों ने जल्द मांगें पूरी नहीं होने पर सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं विधानसभा घेराव करने जा रहे युवाओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
आउट सोर्सिंग के माध्यम से सरकारी विभागों में नियुक्ति पर रोक लगाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर उत्तराखंड बेरोजगार महासंघ के बैनर तले प्रदेशभर के बेरोजगार युवा मंगलवार सुबह 10 बजे परेड ग्राउंड में एकत्र हुए। यहां से युवा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विधानसभा भवन की ओर बढ़े। हालांकि पुलिस ने विधानसभा भवन के पहले तीन स्थानों पर बेरिकेडिंग लगाकर युवाओं को रोक दिया। इसके बाद बेरोजगारों युवाओं ने सड़क पर बैठ कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार पर धोखे के आरोप जड़े। बेरोजगार महासंघ के संरक्षक कमलेश भट्ट् ने कहा कि रोजगार के मुद्दे पर सरकार का रवैया साफ नहीं है। सरकार भर्तियों में गड़बड़ी कर बेरोजगारों के साथ छलावा कर रही है। सरकारी विभागों के नए पदों पर भर्ती नहीं की जा रही है। इसके चलते बेरोजगार युवाओं को मौका नहीं मिल रहा है। इसके अलावा आउट सोर्सिंग से नेता और अधिकारी अपने चाहने वालों को मनचाहे पदों पर नियुक्त कर रहे हैं। यह रोजगार के लिए पहाड़ से पलायन कर रहे युवाओं के साथ धोखा है। राज्य सरकार के कई विभागों में दर्जनों पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, लेकिन कोई विज्ञप्ति जारी नहीं की जा रही है। इस अवसर पर दीपक डोभाल, अजय शर्मा, विनोद राणा, मेहर सिंह, गिरीश, संदीप कंडारी, अनुज चौहान, सुनील डोभाल, मंजू जोशी समेत बड़ी संख्या में बेरोजगार युवा मौजूद रहे।
ये है बेरोजगारों युवाओं की मांगें
-आउट सोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
-दो साल से लटकी फारेस्ट गार्ड के 1218 पदों की भर्ती प्रक्रिया के मामले में सीधी भर्ती हो।
-दो साल से लटकी उद्यान विभाग के पर्यवेक्षक व निरीक्षक की परीक्षा आयोजित की जाए।
-विभिन्न सरकारी विभागों में ग्र्रुप सी के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।
-प्रवक्ता पदों में साक्षात्कार प्रक्रिया समाप्त की जाए।
-जल-विद्युत निगम में जूनियर इंजीनियर के पदों पर सीधी भर्ती की जाए।
-प्रदेश में वीपीडीओ में सीसीसी प्लस की अनिवार्यता समाप्त किया जाए।
-प्रदेश में कोई भी भर्ती प्रक्रिया कोर्ट के आदेशों के बाद ही शुरू और पूरी की जाए।
-सरकारी विभागों में हो रही भर्तियों की जांच की जाए।
तीन घंटे परेशान रहे शहरवासी
विधानसभा का घेराव करने पहुंचे प्रदेशभर के बेरोजगारों और छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने विधानसभा भवन से पहले बेरिकेडिंग लगाई थी। इसके चलते लगभग तीन घंटे शहरवासी परेशान रहे। इस दौरान स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों समेत अन्य मुसाफिरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।