ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
देहरादून। वन विकास निगम में लाखों रुपए के गड़बड़झाले के मामले में घोटालेबाज अफसरों पर कार्रवाई की तैयारी है। मामले में प्रमुख वन संरक्षक ने जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
प्रमुख वन संरक्षक जयराज का कहना है कि वन विकास निगम में कई वित्तीय अनियमितताओं की बात सामने आयी थी। विभागीय स्तर पर जांच कराने के साथ ही ऑडिट भी कराया गया था। जांच में कई अनियमितताओं उजागर हुईं जिसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। अब कार्रवाई शासन स्तर से होनी है।
बता दें, सूचना का अधिकार के तहत मांगी गई एक सूचना में वर्ष 2015-16 व 2016-17 में वन विकास निगम के अफसरों द्वारा बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं बरतने का मामला उजागर हुआ था। अफसरों ने खानपान में बड़े पैमाने पर घोटाला करने के साथ ही टैक्सी बिल के नाम पर काफी हेरफेर किया है। अफसरों ने निजी गाड़ियों को भी टैक्सी कोटे में दर्शाकर निगम को लाखों रुपये का चूना लगा दिया। अनियमितताएं उजागर होने के बाद प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने आरोपों की जांच की थी। जांच में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आयीं। इसके अलावा ऑडिट टीम ने भी वन विकास निगम में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता किए जाने की रिपोर्ट सौंपी थी।
19 अधिकारियों के लिए मंगवाए 120 लंच पैक
नौ मार्च 2017 को वन विकास निगम में हुई बैठक में 19 अधिकारियों ने हिस्सा लिया था, लेकिन दिलचस्प यह है कि 19 अधिकारियाें के लिए 120 लंच पैक मंगाए गए। इसके एवज में 49360 रुपये का भुगतान किया गया। इसके अलावा जांच में शराब पीने के लिए भी सरकारी धन के दुरुपयोग की बात सामने आयी।
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वन विकास निगम में तमाम वित्तीय अनियमितताएं सामने आयी थीं। जांच में वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई। विभागीय स्तर पर ऑडिट भी कराया गया। ऑडिट में भी अनियमितताएं सामने आयी हैं। इस संबंध में रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी गई है।
-जयराज, प्रमुख वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष