ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
गंगा जमुनी अदबी मंच की ओर से प्रसिद्ध कवि दुष्यंत कुमार की याद में नगर निगम हाल में शनिवार की देर शाम कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन किया गया। इस दौरान कवियों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं पढ़ीं, जिनका श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ आईएमए के चेयरमैन एवं समाजसेवी इंजीनियर मुजीब मलिक और नगर आयुक्त अशोक पांडेय ने किया। अध्यक्षता साहित्यकार डॉ. योगेंद्रनाथ शर्मा अरुण ने की। मुख्य अतिथि विधायक देशराज कर्णवाल और विधायक प्रदीप बत्रा ने दुष्यंत कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनको राष्ट्र का गौरव बताया। विधायक देशराज कर्णवाल ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है। देश में कवि और शायर प्राचीन संस्कृति के संवाहक बनकर इसे पुनर्जीवित कर रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन करने हुए शायर अफजल मंगलौरी ने कई कलाम पेश कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शायर नफीसुल हसन ने देशभक्ति रचनाएं सुनाकर वाहवाही लूटी। इस दौरान लखनऊ के शायर ओमप्रकाश नदीम को 2018 का दुष्यंत अवार्ड पेश किया गया। मुशायरे में ओम प्रकाश नदीम, आगरा से आए अशोक रावत, एसी खान साहिल, नीरज नैथानी, जयकृष्ण पैन्यूली, पंकज त्यागी, ओमप्रकाश नूर, सुरेंद्र सैनी, सैय्यद नफीसुल हसन, इनाम साबिर नाज, अहमद भारती, इरशाद सेवक, अलका घनसाला, शिल्पा सजल, रियाज अहमद रियाज, सज्जाद अली आदि ने काव्यपाठ किया। संयोजक दिनेश धीमान व सरंक्षक सईद कादरी ने अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए। इस अवसर पर शबीना कादरी, शशि सैनी, नीरज सैनी, अशोकपाल, चंद्रभान स्नेही, विजय कुमार, सलीम साबरी, इमरान देशभक्त आदि ने अतिथियों का स्वागत किया।