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विशेषज्ञ डॉक्टरों का कार्य बहिष्कार 10 सितंबर से

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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून। क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के खिलाफ लामबंद निजी डॉक्टरों और नर्सिंगहोम संचालकों के बाद अब सरकारी विशेषज्ञ डॉक्टरों ने भी अपनी मांगों के समर्थन में 10 सितंबर से कार्य बहिष्कार का ऐलान कर दिया है।
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शुक्रवार को प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ के प्रांतीय कार्यालय में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक हुई। इस दौरान संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. डीपी जोशी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी मेडिकल कालेजों की ओर से जारी पीजी डिग्री को यूपी मेडिकल काउंसिल की ओर से मान्यता प्रदान की गई है, लेकिन उत्तराखंड में उसी डिग्री को मान्यता नहीं दी जा रही है। जबकि उन्हीं विशेषज्ञ डॉक्टरों से प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग मरीजों का इलाज करवा भी रहा है। विशेषज्ञ डॉक्टर लगातार मांग कर रहे हैं कि उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल, यूपी से प्राप्त डिग्री को मान्यता दे। इसके अलावा बैठक में संघ पदाधिकारियों ने पदोन्नति और वेतनमान समेत अन्य मुद्दों को भी जोरशोर से उठाया। वक्ताओं ने कहा कि इन मांगों के संबंध में भी कई बार सरकार और शासन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इस अनदेखी पर विशेषज्ञ डाक्टरों ने 10 सितंबर से कार्यबहिष्कार का निर्णय लिया है। बैठक में संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. डीपी जोशी, महासचिव डॉ. दिनेश चौहान, उपाध्यक्ष डॉ. मेघना असवाल, डॉ. आनंद शुक्ला, डॉ. अजीत चौधरी, डॉ. मनोज कांडपाल, डॉ. प्रियंका, डॉ. चारु बहुगुणा, डॉ. प्रदीप राणा, डॉ. राजीव कुमार दीक्षित, डॉ. पंकज शर्मा आदि संघ पदाधिकारी और डॉक्टर उपस्थित रहे।
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