ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
पुनर्नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अतिथि शिक्षक फिलहाल मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के आश्वासन के बाद मान गए हैं। अतिथि शिक्षकों ने एक सप्ताह में कार्रवाई न होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन का एलान किया है।
अतिथि शिक्षक संघ की प्रदेश कार्यकारिणी और अलग-अलग जिला इकाइयों के पदाधिकारी मंगलवार सुबह यमुना कॉलोनी स्थित शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के आवास पर पहुंचे और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। शिक्षकों का कहना है कि 31 मार्च से वे सेवा से बाहर हैं। दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों के अधिकतर विद्यालयों में अतिथि शिक्षक ही काम करते हैं। ऐसे में अब उनके बाहर होने से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष विवेक यादव और महामंत्री दौलत जगूड़ी ने शिक्षा मंत्री के सामने करीब पांच हजार अतिथि शिक्षकों के भविष्य समेत कई मुद्दे रखे। इसके बाद शिक्षा मंत्री ने अतिथि शिक्षकों को मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया और चार-पांच अतिथि शिक्षकों को सीएम आवास ले गए और मुख्यमंत्री से वार्ता कराई। मुख्यमंत्री के समक्ष हुई बैठक में सचिव न्याय भी शामिल रहे। बातचीत के बाद मुख्यमंत्री ने अतिथि शिक्षकों को जल्द समाधान का आश्वासन दिया है। महामंत्री दौलत जगूड़ी ने कहा है कि एक सप्ताह में उचित फैसला न होने पर प्रदेशभर के करीब पांच हजार अतिथि शिक्षक दून में विरोध प्रदर्शन करेंगे। वहीं विरोध-प्रदर्शन में महावीर चौहान, रमानंद डबराल, रुपाली, विजय पोखरियाल, पंकज नगदली, अभिषेक भट्ट, अनित बौड़ाई, दुर्गा गुनसोला, मनीषी चौहान, राकेश लाल आदि शामिल रहे।