ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
संस्कृति एवं विरासत को संजोकर रखना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी होनी चाहिए। संस्कार भारती जैसी संस्थाओं की ऐसी पहल सराहनीय हैं। ये बातें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शनिवार को कला एवं साहित्य की अखिल भारतीय संस्था ‘संस्कार भारती’ की ओर से आयोजित ‘कला साधक संगम’ कार्यक्रम में कहीं। इस अवसर सीएम ने संस्था के राष्ट्रीय संरक्षक पद्मश्री बाबा योगेंद्र को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कार भारती ने कला जगत एवं बॉलीवुड में भी मार्गदर्शन का काम किया है जो अच्छी पहल है। इस अवसर पद्मश्री बाबा योगेंद्र ने कहा कि संस्कार भारती की ओर से देश की लोक कलाओं, शास्त्रीय संगीत, लोकाचार, उत्सव परिपाटी, विविध भाषाओं के साथ ग्राम कला के जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। संस्कार भारती के अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री कृष्णमूर्ति ने कहा कि कला समाज को सृजनात्मक ऊर्जा देती है। भारत की सभी ललित कलाएं आध्यात्मिक मूल्यों से उपजी हैं जो व्यक्ति को आनंद के सागर में डुबोने में सक्षम हैं। आज की युवा पीढ़ी लोक कलाओं से विमुख हो रही है जो दुखद है। संस्था के क्षेत्र प्रमुख देवेंद्र रावत ने कहा कि ‘संस्कार भारती’ मनोरंजन प्रधान नहीं, वरन संवेदना प्रधान संगठन है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत, विधायक हरबंस कपूर, विधायक गणेश जोशी, वेद प्रकाश गुप्ता, श्रद्धा कपूर, सतीश माथुर, रोशनलाल अग्रवाल, प्रभाकर सारस्वत, रामवीर सिंह, प्रमोद भारतीय, जगदीश चावला, किशोर कुमार, महानगर प्रमुख बलदेव पाराशर, देवेंद्र कुमार रावत, सुनील कुमार, संगीता श्रीवास्तव, राकेश आहूजा, ईश्वर सिंह, राकेश कुमार, मनीष श्रीवास्तव, विमल कुमार, सुशील पाठक आदि उपस्थित रहे।