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साहब! हमें नगर निगम में शामिल नहीं होना

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साहब! हमें नगर निगम में शामिल नहीं होना
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
साहब! हमें नगर निगम क्षेत्र में शामिल नहीं होना है, हम अपने गांव में ही ठीक हैं। निगम में जितने भी क्षेत्र हैं उनकी व्यवस्थाएं बदहाल हैं। निगम पहले शामिल किए गए गांवों की हालत में सुधार नहीं कर सका है, ऐसे में अब उनके गांव भी बदहाल हो जाएंगे। शनिवार को आपत्तियों के अंतिम दिन रायपुर ब्लॉक से पहुंचे ग्रामीणों ने कुछ इसी तरह अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। जिलाधिकारी ने दर्ज की गईं 838 आपत्तियों में से 250 आपत्तिकर्ताओं के तर्क सुने।
नगर निगम देहरादून के सीमा विस्तार को लेकर रायपुर ब्लॉक से पहुंचे ग्रामीणों की आपत्तियों पर सुनवाई हुई। नगर निगम के टाउन हाल में पहुंचे नेहरू ग्राम से घनश्याम ने कहा कि निगम क्षेत्र में व्यवस्थाएं बदहाल हैं। ऐसे में गांवों की स्थिति भी बदतर हो जाएगी। औली गांव से पहुंचे राजकुमार पुंडीर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों को जबरन नगर निगम में शामिल किया जा रहा है। नत्थनपुर से पहुंचे राजेश चमोली ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि गांव शहर में शामिल होने पर कृषि भूमि कम हो जाएगी, जिससे खाद्यान्न संकट पैदा होगा। वहीं ग्रामीणों पर तमाम तरह से टैक्स वसूले जाएंगे।
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ननूरखेड़ा निवासी केशव रावत ने कहा कि पंचायतराज विभाग की व्यवस्थाएं नगर निगम की तुलना में काफी बेहतर हैं। तमाम समस्याओं का समाधान जल्द हो जाता है। नगर निगम में शामिल होने के बाद लोगों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। वहीं रायपुर ग्राम औली से आए आनंदी ममगाईं ने कहा कि नगर निगम में शामिल होने के बाद ग्रामीणों को मिलने वाली तमाम सुविधाएं समाप्त हो जाएंगी। इनके अलावा लाडपुर से दुर्गेश नैथानी ने भी आपत्ति दर्ज कराई।
इस मौके पर डीएम एसए मुरुगेशन के साथ नगर आयुक्त विजय कुमार जोगदंडे, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बीर सिंह बुदियाल, एसडीएम सदर प्रत्यूष सिंह, नायब तहसीलदार नरेशचंद्र नौटियाल आदि मौजूद रहे।
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तीनों दिन में 460 आपत्तियों पर सुनवाई
नगर निगम टाउन हॉल में जिलाधिकारी ने तीन दिन में 460 आपत्तियां सुनीं। पहले दिन 162, दूसरे दिन 48 आपत्तियां सुनी गईं। जबकि शनिवार को अंतिम दिन सर्वाधिक 250 आपत्तियां सुनी गईं। जिलाधिकारी ने बताया कि तीनों दिनों की आपत्तियों का विवरण शासन को भेजा जाएगा। इसके बाद शासन के निर्देश के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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