ब्यूरो/ जूही प्रजापति, देहरादून
उत्तराखंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट नमामि गंगे का काम अब 1900 करोड़ रुपये से पूरा करने की तैयारी की जा रही है। इस प्रोजेक्ट में प्रदेश के दोनों मंडलों में 20 नई सीवरेज योजनाएं तैयार की जाएंगी। इससे पहले यह प्रोजेक्ट 888 करोड़ का था, जिसमें 21 योजनाएं शामिल थीं। विगत दिनों केंद्रीय जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने प्रोजेक्ट के विस्तार के निर्देश दिए थे, जिसके बाद पेयजल निगम ने प्रोजेक्ट के विस्तार का प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेज दिया गया है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने तीन साल पहले उत्तराखंड में नमामि गंगे प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया था। जिसमें केदारनाथ से लेकर हरिद्वार तक गंगा को साफ किया जाना है। एक साल पहले गढ़वाल मंडल के 15 शहरों से जुड़ी 888 करोड़ से तैयार होने वाली 21 सीवरेज योजनाओं का काम हरिद्वार से शुरू हुआ था।
हाल ही में केंद्रीय जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तराखंड के दौरे के दौरान प्रोजेक्ट की प्रगति रिपोर्ट ली थी। जिस पर उन्होंने गंगा को पूरी तरह साफ करने के लिए प्रोजेक्ट को विस्तार देने की बात कही थी। पेयजल निगम के प्रबंध निदेशक भजन सिंह के मुताबिक केंद्रीय मंत्री के निर्देश पर प्रोजेक्ट के तहत गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडलों में 20 नई सीवरेज योजनाओं का प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। इन नई योजनाओं के निर्माण पर करीब 1000 करोड़ का खर्च आएगा। केंद्र से अनुमति और बजट मिलने पर योजनाओं पर काम शुरू किया जाएगा।
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दून के साथ कुमाऊं मंडल में भी होगा काम
नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत देहरादून के कुछ इलाकों में भी सीवरेज योजनाओं का निर्माण कराया जाएगा। वहीं कुमाऊं मंडल के रामनगर, काशीपुर, धारचूला और टनकपुर शहर को भी प्रोजेक्ट से जोड़ने की कवायद शुरू हो चुकी है। कुमाऊं के इन शहरों और गढ़वाल मंडल के पांच शहरों में 20 नई योजनाओं का काम किया जाएगा।