शीतला सप्तमी आज, कल मनेगी अष्टमी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
मां शीतला का पर्व किसी न किसी रूप में देश के हर कोने में मनाया जाता है। चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी और अष्टमी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष शीतला सप्तमी पर्व 8 मार्च को मनाया जाएगा। साथ ही जिन घरों में अष्टमी तिथि को शीतला माता का पूजन किया जाता है, वह 9 मार्च को शीतला अष्टमी पर मां का पूजन करेंगे।
ज्योतिषाचार्य गौरव आर्य के अनुसार शीतला माता पूजन पुराणों में विस्तृत उल्लेख है। हिंदू व्रतों में केवल शीतला सप्तमी अथवा शीतला अष्टमी का व्रत ही ऐसा है जिसमें बासी भोजन किया जाता है। इस पर्व को बसोरा (बसौड़ा) भी कहते हैं। बसोरा का अर्थ है बासी भोजन। इस दिन घर में ताजा भोजन नहीं बनाया जाता। एक दिन पहले ही भोजन बनाकर रख देते हैं। फिर दूसरे दिन प्रात: महिलाएं शीतला माता का पूजन करती हैं। इसके बाद परिवार के सभी सदस्य बासी भोजन ग्रहण करते हैं।
उन्होंने बताया कि शीतला माता का मंदिर वट वृक्ष के समीप ही होता है। शीतला माता के पूजन के बाद वट का पूजन भी किया जाता है। ऐसी प्राचीन मान्यता है कि जिस घर की महिलाएं शुद्ध मन से इस व्रत को करती है। उस परिवार को शीतला देवी धन-धान्य से पूर्ण कर प्राकृतिक विपदाओं से दूर रखती हैं। शीतला माता हर तरह के तापों का नाश करती हैं और अपने भक्तों के तन-मन को शीतलता प्रदान करती हैं। नवरात्रि के शुरू होने से पहले यह व्रत करने से भक्तों पर माता पर कृपा बनी रहती है।