ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
लगातार एक दशक से डीएवी में जिस हार का मुंह देख रहे हैं, वह चिंताजनक है। अगले साल आऊं तो मेरी झोली में डीएवी की जीत भी डाल देना...डीएवी की हार पर एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष फिरोज खान ने कुछ इसी अंदाज में जीत को एकजुटता का आह्वान किया। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्दयेश भी यहां की लगातार हार पर खिन्न नजर आई। उन्होंने सभी नेताओं से एकजुट होकर इस बार डीएवी में जीत का परचम फहराने का आह्वान किया। उनका कहना था कि सूबे के बड़े कॉलेजों में एनएसयूआई आएगी तो और बेहतर परिणाम होंगे।
सोमवार को नगर निगम सभागार में आयोजित हुए एनएसयूआई प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में छात्र संख्या के लिहाज से सूबे के सबसे बड़े डीएवी पीजी कालेज की लगातार हार चर्चाओं में रही। दिल्ली से आए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष फिरोज खान ने डीएवी में छात्रसंघ चुनाव में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की गुटबाजी पर नाराजगी जताई। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से आह्वान किया कि अगले साल जब दून आऊंगा तो डीएवी की जीत भी मेरी झोली में डाल देना। इसके बाद मंच पर आई नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्दयेश ने कहा कि एनएसयूआई को अभी और जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सबसे बड़े डीएवी पीजी कालेज में हमारी हार इसी का परिणाम है। उन्होंने एनएसयूआई की प्रदेश प्रभारी करिश्मा ठाकुर से भी सभी पदाधिकारियों को एकजुट करने का आह्वान किया। इंदिरा ह्दयेश ने कहा कि प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में छात्र-छात्राओं की इतनी कम संख्या बयां कर रही है कि हमें अभी और मेहनत की जरूरत है। अगर कोई रूठ गया है तो उसे मनाने के लिए मैं खुद साथ चली जाऊंगी। हमें मिलकर 2019 में भाजपा को सबक सिखाना है। आज एक परिवार में अगर पांच सदस्य हैं तो सभी बेरोजगार हैं। पीएम मोदी के सभी झूठ की लिस्ट बनाओ और जनता के बीच जाओ। उन्होंने कहा कि हम संसद में भले ही कम संख्या के चलते अविश्वास प्रस्ताव न ला सकते हों लेकिन जनता के बीच तो अविश्वास प्रस्ताव लेकर जा सकते हैं।
अपनों को बुलाने का वक्त आ गया
समारोह में पहुंची इंदिरा ह्दयेश ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा है और हम भी तैयार हैं। अब वक्त आ गया है कि जो किसी कारणवश हमसे रूठकर दूसरी पार्टियों में चले गए थे, उन्हें घर वापस बुलाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इसके लिए जरूरत पड़ी तो हम खुद भी उनके घर जाएंगे। अगर किसी और पार्टी का नेता हमारे यहां आना चाहता है तो उनका भी स्वागत है। कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भी इसमें हामी भरी। उनका इशारा कांग्रेस से बागी होकर भाजपा में शामिल हुए नेताओं की ओर था।