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Dehradun News: जौनसार बावर में मलबा आने से 11 मोटर मार्ग हुए बाधित

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देर रात हुई बारिश के बाद सड़कों पर मलबा आने से जौनसार बावर के 11 मोटर मार्ग बंद हो गए जिससे स्थानीय लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। बंद होने वाले मार्गों में साहिया क्षेत्र के पांच और चकराता के छह मोटर मार्ग शामिल हैं। मार्ग बंद होने की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग ने सड़कों पर आए मलबे को हटाने का कार्य शुरू कर दिया है। रविवार की रात हुई बारिश से साहिया-क्वानू मोटर मार्ग से जुड़ा तारली मोटर मार्ग, गई छबास, मिनस-अटाल, समरसेंज, नराया-लोरली-अस्टाड मोटर मार्ग पर मलबा आ गया। इससे मार्गों पर यातायात अवरुद्ध हो गया और ग्रामीणों की आवाजाही ठप हो गई।अपनी नकदी फसलों को मंडी ले जाने वाले किसानों को कठिन समस्याओं का सामना करना पड़ा। लोनिवि साहिया के अधिशासी अभियंता अनुज भारद्वाज ने बताया कि बंद हुए मार्गों को खोलने का कार्य जारी है। साेमवार देर रात तक मलबा हटा लिया जाएगा।चकराता में बारिश के बाद सिल्लीखड्ड–कुनैन, माख्टी–पोखरी–मारब–खोड़ा, त्यूणी–पुरोला, जेपीआर–रायगी–कुल्हा, खोकटी–मरलोऊ, टिपराड़ मोटर मार्ग अवरुद्ध हो गए। इसके अलावा पीएमजीएसवाई कालसी के जगथान मोटर मार्ग और लाखामंडल से नाड़ा मोटर मार्ग पर भारी मलबा आ गया। सूचना पाकर लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी से सड़कों को साफ करने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। अधिशासी अभियंता विजय कुमार मोघा ने बताया सभी बंद मोटर मार्गों को खोलने के लिए जेसीबी लगाई गई हैं।जौनसार बावर के मार्ग बंद : जौनसार बावर के पहाड़ी मार्गों पर मलबा आने से साहिया व चकराता क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इसके अतिरिक्त सबसे अधिक परेशानी किसानों को उठानी पड़ी है। क्षेत्र के किसानों को दिन निकलने से पहले अपनी उपज को लेकर मंडी जाना पड़ता है लेकिन मार्ग बंद होने से अधिकतर मार्गों पर वाहन फंसे रहे। सुबह होने के बाद किसानों व ग्रामीणों ने अपने स्तर से थोड़ा-थोड़ा मलबा व पत्थर हटाकर अपने वाहन तो निकाले परंतु मंडी पहुंचने में देरी होने से उनकी उपज सही दाम में नहीं बिक सकी। किसान मोहनलाल शर्मा, सुरेंद्र बिष्ट, बलबीर सिंह ने बताया कि बरसात के दिनों में फसलों को मंडी तक ले जाने में कठिन समस्या उठानी पड़ती है और इसके बाद भी उन्हें उपज में नुकसान होता है।
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