राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान (एनआईईपीवीडी) की ओर से 10वीं के बोर्ड छात्रों का रिजल्ट तैयार कर केंद्रीय माध्यमिक बोर्ड (सीबीएसई) को भेज दिया गया है। जबकि, 12वीं के छात्रों का रिजल्ट शिक्षकों के मूल्यांकन करने के बाद बोर्ड को भेजा जाएगा।
कोरोना काल में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस बार सीबीएसई की ओर से बोर्ड परीक्षाओं को रद्द किया गया था। बोर्ड की ओर से 10वीं और 12वीं के बच्चों का परिणाम वेल डिफाइंड मानदंडों के अनुसार समयबद्ध तरीके से बनाया जा रहा है। एनआईईपीवीडी के प्राचार्य अमित कुमार शर्मा ने बताया कि सीबीएसई की ओर से बनाए मानदंडों के आधार पर 10वीं के छात्रों का रिजल्ट बनाकर बोर्ड को भेज दिया गया है। 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए 30, 30 अैर 40 के अनुपात के मूल्यांकन फॉर्मूले का विकल्प चुना है। इसमें कक्षा 10वीं के परिणाम पर 30 फीसदी, कक्षा 11 के परिणामों पर 30 प्रतिशत और कक्षा 12 के आंतरिक परीक्षा के परिणाम को 40 फीसदी वेटेज दिया जाएगा। 12वीं के छात्रों का मूल्यांकन करने के लिए दूसरे स्कूलों से शिक्षक आएंगे। मूल्यांकन होने के बाद बोर्ड को परिणाम भेजा जाएगा।