बुधवार को कर्मचारियों को भीख मांगने की अनुमति नहीं मिली थी, मगर गुरुवार को अनुमति मिलने के बाद उन्होंने जुलूस की शक्ल में रैली निकालते हुए भीख मांगी। उन्होंने हर आने जाने वाले को रोककर कुछ न कुछ मांगा। इसके बाद कर्मचारी जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे, लेकिन उनके अनुपस्थित होने के चलते उपजिलाधिकारी सदर कमलेश मेहता ने उनकी बातें सुनी।
कर्मचारियों ने उन्हें मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कर्मचारियों की तीन प्रमुख मांगे नई कंपनी में समायोजित करने, कर्मचारियों को पूर्व की भांति लोकेशन के आधार पर नियुक्ति देने और पूर्व की तरह ही वेतन व भत्ता दिए जाने की मांग शामिल है। कर्मचारियों का यह आंदोलन 108 व खुशियों की सवारी कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन जमलोकी के नेतृत्व में हुआ।
कर्मचारियों ने गुरुवार को जो भीख मांगकर आंदोलन चलाया उसमें कुल 1,108 रुपये इकट्ठा हुए। 108 की संख्या आने के बाद कर्मचारियों ने इसे संयोग बताया और कहा कि यह संयोग दर्शाता है कि हम किस तरह से इस सेवा के प्रति समर्पित हैं।