ब्यूरो/अमर उजाला।
तीन माह पूर्व तत्कालीन अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को आदेश जारी किया था कि मानकों का पालन न करने वाले होटलों, धर्मशालाओें और आश्रमों को चिह्नित कर उनसे 5000 रुपये प्रतिदिन की दर से जुर्माना वसूला जाए। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बैठक में यह भी तय किया था कि जिस दिन बोर्ड अधिकारी व तकनीकी विशेषज्ञ इनकी जांच करेंगे उस दिन यदि इनमें मानकों का उल्लंघन होता पाया गया उसी दिन से ही जुर्माना वसूला जाएगा। यह जुर्माना तब तक वसूला जाएगा जब तक इनके प्रबंधक मानकों का पालन नहीं करते। इतना सब कुछ होने के बाद भी अभी तक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी प्रदेश में एक भी होटल और धर्मशालाओं पर कार्रवाई नहीं कर पाए हैं। पिछले दिनों प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि ने भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया था कि प्रत्येक अधिकारी हर माह 25 होटलों, धर्मशालाओं की जांच कर कार्रवाई करेंगे।