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हर्बल रंगों से खेलें होली, न पहुंचाएं किसी को नुकसान

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हर्बल रंगों से खेलें होली, न पहुंचाएं किसी को नुकसान
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। रंगों के त्योहार होली में एक दिन बाकी है। बाजारों में हर तरफ रंग नजर आ रहे हैं। ऐसे में केमिकलयुक्त रंग आपकी त्वचा और बालों को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं। अगर आप अपने परिवार, मित्र, परिचितों को होली पर नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते हैं तो हर्बल रंगों से होली खेलें ताकि त्योहार पर आपका और उनका उल्लास बरकरार रहे। आप कुछ प्रयास करके ये रंग अपने घर पर ही बना सकते हैं।
रंग बनाने वाले प्रमोद जायसवाल ने बताया कि हर्बल रंग बनाने में लगभग पांच से छह घंटे का समय लगता है। रंग बनाने के लिए गुड़हल के फूल को सुखाकर उनमें अरारोट मिलाकर पीस लिया जाता है। इसके बाद अलग-अलग रंग बनाए जाते हैं। इन हर्बल रंगों को होली पर खासा पसंद किया जाता है। इन खुशबूदार रंगों की 50 ग्राम की कीमत 50 रुपये तक होती है।
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ऐसे बनाएं हर्बल रंग
लाल रंग : चंदन पाउडर को गुलाल की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। इस गुलाल को बनाने के लिए आप गुड़हल के सूखे फूलों में बराबर मात्रा में आटा या बेसन मिलाकर इसे तैयार कर सकते हैं। इसके अलावा आप इसमें लाल गुलाब की सूखी पंखुड़ियों को बारीक पीसकर गुलाल बना सकते हैं।
हरा रंग : हरे रंग का गुलाल बनाने के लिए मेहंदी या आंवले पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए इस पाउडर में बराबर मात्रा में आटा मिलाकर हरा रंग बनाया जा सकता है। ये रंग जब दूसरों के बालों पर लगेगा तो नुकसान की जगह उन्हें फायदा ही होगा। इसके अलावा पुदीना ए धनिया और पालक की पत्तियों को सुखाकर पीस लें। इस पाउडर से भी खूबसूरत हरा रंग तैयार किया जा सकता है।
गुलाबी रंग : गुलाबी रंग बनाने के लिए दो चुकंदर पीसकर उसका जूस निकालकर उसे करीब पांच लीटर पानी में मिला लें। अगर आप गहरा गुलाबी रंग चाहते हैं तो एक लीटर पानी में एक चुकंदर रात भर पानी में रख दें।
नीला रंग : अपने दोस्तों को नीले रंग से रंगना चाहते हैं तो जैकरैंदा के नीले फूलों को सुखाकर उसका पाउडर बराबार मात्रा में आटे में मिलाकर लगाएं।

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नुकसानदायक होते हैं केमिकलयुक्त रंग
रंगों के इस त्योहार में केमिकलयुक्त रंग चेहरे को बदरंग कर सकते हैं। इनके प्रयोग से त्वचा में एलर्जी हो सकती है। यदि रंग आंख में चला जाए तो रोशनी कम हो सकती है। इन रंगों से बालों को भी नुकसान होता है। जिससे झड़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल आर्य बताते हैं कि केमिकलयुक्त रंग शरीर में बाहरी और अंदरूनी रूप कई तरह से नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि केमिकल रंगों में कॉपर सल्फेट होता है जो आंखों के लिए बहुत ही खतरनाक होते हैं। त्वचा और बालों के लिए तो केमिकलयुक्त रंग बहुत ही हानिकारक होते हैं। आर्य ने बताया कि छोटे बच्चों की त्वचा बहुत ही संवेदनशील होती है। उन्हें गहरे रंग से दूर रखना चाहिए।
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ऐसे करें बचाव
होली खेलने से पहले मॉश्चराइजर क्रीम या लोशन लगाएं, जबकि बालों में तेल लगाना चाहिए। रंग उतारने के लिए कपड़े धोने के साबुन का इस्तेमाल न किया जाए। इससे एलर्जी हो सकती है। चेहरे और हाथों से रंग को हटाने के लिए दही का प्रयोग करना चाहिए। त्वचा में लगे रंग को धोने के लिए ठंडे पानी का प्रयोग करना लाभकारी होगा।
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ऐसे करें केमिकलयुक्त और हर्बल रंग की पहचान
केमिकलयुक्त रंग और हर्बल रंग की पहचान कर पाना मुश्किल का काम है। रंग बनाने वाले नीरज कुमार बताते हैं कि हर्बल रंग केमिकलयुक्त रंग के मुकाबले दो से तीन गुना महंगे होते हैं। केमिकलयुक्त रंग की चमक हर्बल रंग की तुलना में कम होती है। केमिकलयुक्त रंग में कांच मिला होता है, वह दानेदार होता जबकि हर्बल रंग बारीक और मुलायम होता है।
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