होम्योपैथी निदेशालय और स्वास्थ्य निदेशालय में ठनी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। होम्योपैथिक दवाओं के निर्माण, होम्योपैथिक फार्मेसी के लाइसेंस जारी करने, उनके पंजीकरण व नवीनीकरण को लेकर होम्योपैथिक चिकित्सा निदेशालय व स्वास्थ्य महानिदेशालय के बीच ठन गई है। निदेशक होम्योपैथिक चिकित्सा डॉ. राजेंद्र सिंह ने महानिदेशालय चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के औषधि नियंत्रक को पत्र लिखकर उस शासनादेशों की प्रतिलिपि मांगी है जिसके तहत होम्योपैथिक दवाओं के निर्माण फार्मेसी के लाइसेंस जारी, पंजीकरण व नवीनीकरण का अधिकार उन्हें सौंपा गया है।
निदेशालय चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के औषधि नियंत्रक को भेजे गए पत्र में निदेशक होम्योपैथिक चिकित्सा डॉ. राजेंद्र सिंह का कहना है कि होम्योपैथिक दवाओं की गुणवत्ता के मानक जांचने एवं लाइसेंस जारी करने का दायित्व एलोपैथिक विभाग में कार्यरत औषधि नियंत्रक एवं निरीक्षकों एवं औषधि अनुज्ञापन अधिकारी को सौंपा गया है, लेकिन महानिदेशालय चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की ओर से इस संबंध में कोई सूचना नहीं मुहैया करायी गई है। न ही होम्योपैथिक चिकित्सा आयुष विभाग की ओर से भी इस संबंध में कोई शासनादेश जारी किया गया है।
उल्लेखनीय है कि दो माह पूर्व निदेशक होम्योपैथिक चिकित्सा सेवा की ओर से स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र लिखकर होम्योपैथिक औषधियों के निर्माण, फार्मेेसी के लाइसेंस जारी करने, पंजीकरण व नवीनीकरण करने से संबंधित सभी अभिलेखों को होम्योपैथिक विभाग को हस्तांतरित करने का अनुरोध किया था लेकिन अब तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। ऐसे में इस प्रकरण को चिकित्सा सेवा के दोनों विभाग आमने सामने आ गए हैं।