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पहाड़ों में भी खुलेंगे बड़े निजी अस्पताल

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ब्यूरो/अमर उजाला।
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देहरादून। प्रदेश में अटल आयुष्मान योजना के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए सरकार निजी अस्पताल संचालकों को पहाड़ों में अस्पताल खोलने के लिए हर सुविधा उपलब्ध कराएगी। सरकारी अस्पतालों की दशा सुधारने के भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। योजना के तहत उपचार करने वाले सरकारी अस्पतालों के डाक्टरों को 35 फीसदी प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में टेली रेडियोलॉजी और टेली मेडिसिन खासी फायदेमंद साबित हो रही है। कई अस्पतालों में इसके माध्यम से उपचार किया जा रहा है। चमोली जिले के हिमनी गांव को टेली मेडिसिन के जरिये अपोलो अस्पताल दिल्ली से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियों के साथ होने वाली दिक्कतों को देखते हुए इस योजना में सरकार ने उन्हें शामिल नहीं किया गया है। सरकार सीधे लोगों के उपचार का खर्च वहन करेगी। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों की दशा सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले डेढ़ वर्ष में प्रदेश में करीब 900 डॉक्टरों की भर्ती की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 108 एंबुलेंस के बेड़े में शामिल 139 गाड़ियों की हालत खराब है। सरकार इनके स्थान पर नईं एंबुलेंस दे रही है। 61 नई एंबुलेंस सड़कों पर उतारी जा चुकी है। शेष नई एंबुलेंस को भी जल्द उतारा जाएगा।
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मैंने भी झेली है पीड़ा : सीएम
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पहाड़ों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी की पीड़ा उन्होंने खुद भी झेली है। मेरे पिताजी ने हमारा घर अस्पताल चलाने के लिए दे दिया था। उसी दौरान मेरे भाई की भी मौत हो गई थी, लेकिन तब स्वास्थ्य सेवाओं का हाल यह था कि चिकित्सक और किसी स्वास्थ्य कर्मचारी के पास स्टेथेस्कोप नहीं था। इसकी वजह से हमें काफी देर तक इसका पता भी नहीं चल पाया था कि भाई की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तभी से मेरे मन में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने की इच्छा थी। इसे बेहतर करने के लिए वह प्रयासरत हैं।

उम्र को लेकर न हों भ्रमित
मोबाइल एप या वेबसाइट पर अपना नाम देख रहे लोग उम्र को लेकर भ्रमित हो रहे हैं। उनकी सभी सूचनाओं का मिलान हो रहा है, लेकिन उम्र कम दिख रही है। इसको लेकर कुछ लोगों में भ्रम की स्थिति है। इसके बारे में योजना की नोडल अफसर डा. सरोज नैथानी ने बताया कि योजना के लिए वर्ष-2011 का डाटा लिया गया है। इसलिए उस वक्त की जो जानकारियां दी गई थी, वही स्क्रीन पर दिख रही है। उन्होंने कहा कि इससे भुगतान संबंधी कोई दिक्कत नहीं होगी।

बाहरी लोगों के लिए आयुष्मान भारत
योजना के शुभारंभ पर बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश, बिहार समेत अन्य राज्यों के लोग भी अपना नाम पंजीकरण कराने पहुंचे। लेकिन, राज्य योजना में उनका नाम शामिल नहीं है। नोडल अफसर डा. सरोज नैथानी ने कहा कि अगर उन लोगों का नाम अपने-अपने राज्य में होगा तो वह किसी भी प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना का लाभ ले सकते हैं। अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना का लाभ केवल राज्य के लोगों को ही मिलेगा।

टोल फ्री नंबर पर करें संपर्क
योजना के संबंध में किसी भी जानकारी के लिए वेबसाइट ayushmanuttarakhand.org या मोबाइल एप अटल आयुष्मान उत्तराखंड का प्रयोग किया जा सकता है। मोबाइल एप गूगल प्ले स्टोर से निशुल्क डाउनलोड किया जा सकता है। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 104 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

जिलेभर से पहुंचे लोग
योजना के शुभारंभ पर परिवार की पात्रता जानने, पंजीकरण करवाने और गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए जिलेभर से लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। सभी ब्लॉक के लोगों के लिए अलग-अलग काउंटर लगाए गए थे। उसके बावजूद भीड़ ने आयोजकों के पसीने छुड़ा दिए। पुलिसकर्मी भी दोपहर बाद तक भीड़ को संभालने की मशक्कत में जुटे रहे। शाम के समय भीड़ कम होने पर आयोजकों और पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली। वहीं, जिन लोगों के कार्ड बने, उनके चेहरे पर खुशी और संतुष्टि साफ दिख रही थी।
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सभी निकायकर्मियों को मिलेगा योजना का लाभ
देहरादून। नगर निगम के सफाई व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों ने मंगलवार को मेयर सुनील उनियाल गामा से मुलाकात कर अटल आयुष्मान योजना का लाभ देने की मांग की उठाई। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें दूषित वातावरण में ज्यादा काम करना होता है। इससे उनके बीमार होने का भी खतरा ज्यादा रहता है। इस पर मेयर ने मुख्यमंत्री से बात की। उसके बाद मुख्यमंत्री ने सभी निकायों के सफाई कर्मियों को भी योजना का लाभ देने का आश्वासन दिया।
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