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गन्ना परिषद के सामने किसानों का हंगामा

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ब्यूरो/अमर उजाला, लक्सर
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गन्ना विभाग की ओर से इस बार खसरा खतौनी सहित कई दस्तावेज दिए जाने के बाद बेसिक कोटा जारी करने के निर्णय से खफा किसानों ने गन्ना विकास परिषद के सामने जमकर हंगामा किया। उन्होंने शुगरमिल के अधिकारियों की शह पर किसानों को परेशान करने का आरोप लगाया। बाद में गन्ना विकास परिषद के अधिकारियों ने किसानों को उनकी समस्या को प्राथमिकता से हल करने का भरोसा दिया। इसके बाद किसान शांत हुए।
ज्ञात हो कि इस सत्र में गन्ना विभाग ने फर्जी बेसिक कोटा पर नकेल कसने की पूरी तैयारी की है। विभाग किसानों का बेसिक कोटा निर्धारण कर रहा है, जिन किसानों ने आधार कार्ड, खसरा खतौनी, घोषणा पत्र और अन्य प्रमाणपत्र दिया है। अपने दस्तावेज पूरा कराने के लिए तहसील मुख्यालय में किसानों की लाइन लग रही है। इससे किसानों को परेशानी हो रही है। मंगलवार को गन्ना विभाग के इस निर्णय के बाद क्षेत्र के किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। गन्ना विकास परिषद कार्यालय पहुंचकर किसानों ने जमकर हंगामा किया। उनका कहना था कि गन्ना विभाग नया आदेश लागू कर किसानों को परेशान कर रहा है। उन्होंने शुगरमिल प्रबंधन पर किसानों को परेशान करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि मिल प्रबंधन ने किसानों से गन्ने का रकबा बढ़ाने के लिए विभाग के माध्यम से बेसिक कोटा निर्धारण की आड़ में किसानों को परेशान किया जा रहा है। बताया गया कि किसान इस वक्त खेती में व्यस्त है। वहीं, विभाग की नई प्रक्रिया के लिए दस्तावेज तैयार कराने में रुपये भी खर्च हो रहे हैं। हंगामा करने वालों में रघुवीर सिंह, सुखपाल सिंह, संजय, नरेशपाल, धर्मवीर, नवाब सिंह, अर्जुन सिंह, सुभाष, वेदपाल, संतराम, नेत्रपाल, अनंत कुमार, अमित कुमार, अनूप सिंह,राजपाल सफिंह आदि अनेक किसान शामिल थे।
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चौपाल लगाकर करें बेसिक कोटा निर्धारण
गन्ना पर्यवेक्षक को किसानों की भूमि पर गन्ने संबंधी जानकारी रहती हैं। इसलिए विभाग को चाहिए कि वह पर्यवेक्षकों के माध्यम से किसानों की चौपाल लगाएं और उनका बेसिक कोटा निर्धारण करें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसानों को परेशान करने की कोशिश की गई तो किसान आंदोलन करने को बाध्य होंगे। गन्ना विकास परिषद के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक प्रदीप कुमार वर्मा ने किसानों को भरोसा दिया कि उनकी समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा।
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