ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
पहाड़ों पर खत्म होती खेती को बचाने के लिए विधायकों को आगे आना होगा। गांव बचाओ अभियान के तहत पहाड़ के सभी विधायकों से सहयोग की अपील की जाएगी। खेती की बेहतरी के लिए विधायक निधि से हिस्सा मांगा जाएगा। सोमवार को परेड ग्राउंड स्थित हिंदी भवन में गांव बचाओ अभियान की बैठक में हिमालयी पर्यावरणीय अध्ययन एवं संरक्षण संगठन (हेस्को) के संस्थापक पद्मश्री डॉ. अनिल जोशी ने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि पहाड़ों पर जंगली जानवर खेती को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके चलते बड़ी संख्या में लोग खेती छोड़ रहे हैं। खेती खत्म होने के कारण उन इलाकों में पलायन की दर में भी तेजी आई है। इसको कम करने के लिए विधायकों को सहयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि बाघों की संख्या बढ़ने पर अपनी पीठ थपथपाने वाली सरकार को उनसे लोगों की सुरक्षा के इंतजाम भी करने चाहिए। जोशी ने कहा कि प्रत्येक विधायक को अपनी विधायक निधि का कुछ हिस्सा पहाड़ी खेती को बचाने के लिए खर्च करना होगा। अब तक 21 विधायकों ने 2017 की अपनी विधायक निधि का धेला भी खर्च नहीं किया है। उन्होंने कहा कि खेती एवं जंगल बचाने और गांवों को दोबारा आबाद करने के लिए विभागों की संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने की जरूरत है।
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पॉलिथीन पर रोक से होगा फायदा
डॉ. अनिल जोशी ने कहा कि प्रदेश में पॉलिथीन पर रोक के फैसले से बहुत फायदा होगा। आज चारों तरफ पॉलिथीन के कारण तमाम तरह की पर्यावरणीय दिक्कतें पैदा हो रही हैं। नदी-नालों से लेकर बुग्यालों और ग्लेशियर तक पहुंच चुकी पॉलिथीन बहुत नुकसान पहुंचा रही है।