ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
प्रधानाचार्य के आधे पदों पर सीधी भर्ती करने का बड़े स्तर पर विरोध शुरू हो गया है। प्रधानाचार्य एसोसिएशन के बाद अब राजकीय शिक्षक संघ ने भी निदेशक माध्यमिक शिक्षा आरके कुंवर को ज्ञापन सौंपकर विरोध जताया है। संघ के पदाधिकारियों ने इस निर्णय को पूरी तरह शिक्षक विरोधी बताया।
प्रांतीय महामंत्री डॉ. सोहन सिंह माझिला ने बताया कि सहायक अध्यापक (एलटी) और प्रवक्ताओं के पदों में से क्रमश: 55 एवं 45 प्रतिशत के अनुपात में मात्र तीन फीसदी शिक्षक ही प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नत हो पाते हैं। इन्हीं प्रधानाध्यापकों में से प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति दी जाती है। ऐसे में अगर 50 फीसदी पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे तो अन्य शिक्षकों की पदोन्नतियां बाधित होंगी।
संघ ने प्रधानाध्यापक से प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति के लिए शिथिलीकरण की पुरानी व्यवस्था बहाल करने, 400 से अधिक छात्र संख्या वाले इंटर कॉलेज में प्रधानाध्यापक के समकक्ष उप प्रधानाचार्य का पद सृजित करने, सहायक अध्यापक (एलटी) एवं प्रवक्ता को प्रधानाचार्य के लिए अर्ह मानने और आयु की बाध्यता न रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदानाचार्य का पद वेतन लेवल-12 का है, जो सीधी भर्ती की परिधि में नहीं आता है।