कैंट के अस्पतालों में भी मिलेगा एनएचएम योजनाओं का लाभ
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत संचालित दो दर्जन से अधिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सरकारी अस्पतालों के अलावा राज्य के छावनी परिषद के अस्पतालाें में भर्ती मरीजों को भी मिलेगा। एनएचएम के राज्य परियोजना निदेशक और सेना के मध्य कमान के रक्षा संपदा विभाग के आला अफसरों के बीच स्वास्थ्य निदेशालय में हुई बैठक में इस पर सहमति बनी।
बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य महानिदेशालय के सभागार में आयोजित बैठक में स्वास्थ्य विभाग, एनएचएम और राज्य में स्थित सभी नौ छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारियों के साथ कई मुद्दों पर चर्चा की गई। एनएचएम के राज्य परियोजना निदेशक युगल किशोर पंत ने बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैंट के अस्पतालों में भर्ती मरीजों को सभी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ मिलेगा। इसके लिए कैंट के अस्पतालों को एनएचएम के तहत सारी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
उन्होंने बताया कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच ग्रामीण स्तर तक ले जाने के लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोलने की स्वीकृति केंद्र सरकार ने दी है। इसके तहत कैंट के अस्पतालों को भी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके बाद कैंट के अस्पतालों में भी टीकाकरण और परिवार नियोजन जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। बैठक में मध्य कमान के रक्षा संपदा निदेशक डॉ. एसएच खान, छावनी परिषद देहरादून के मुख्य अधिशासी अधिकारी जाकिर हुसैन, चकराता के जॉन विकास, रुड़की की पुष्पांजलि रावत, क्लेमेंटटाउन के मोहम्मद समीर इस्लाम, रानीखेत की ज्योति कपूर, लैंसडौन की अंकिता सिंह, नैनीताल के अभिषेेक राठौर, रुड़की चिकित्सालय के डॉ. नीरज शर्मा और एनएचएम निदेशक डॉ. अंजलि नौटियाल आदि उपस्थित थे।