ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
सेना छावनी क्षेत्र में जमीन और मकान की रजिस्ट्री करवाने से पहले कैंट बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) लेने के मामले में बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष विष्णु प्रसाद गुप्ता ने डीईओ भावना सिंह से की।
उल्लेखनीय है कि डीईओ ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा है कि छावनी क्षेत्र में जमीन की खरीद फरोख्त की अनुमति कैंट बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेने के बाद दी जाय। इसी प्रकरण को लेकर बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष विष्णु प्रसाद गुप्ता ने डीईओ भावना सिंह से मुलाकात कर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि देहरादून व देवलाली छावनी पूरे देश में दो ऐसी सेना छावनी हैं। जिसमें कैंट बोर्ड की अपनी जमीन नहीं है। देहरादून छावनी कार्यालय भी जमीदारों द्वारा दी गई जमीन पर है। देहरादून छावनी में लीज के बंगले भी नही हैं। देहरादून छावनी सिविल आबादी वाला क्षेत्र है। ऐसे में यह प्रक्रिया लागू होने पर लोगों पर अनावश्यक बोझ पड़ेगा व छावनी के पास स्टाफ की कमी के कारण अनापत्ति प्रमाण पत्र देने में लंबा वक्त लगेगा। वहीं डीईओ भावना सिंह का कहना है कि यह शर्त लंढौर कैं ट क्षेत्र के लिए लगाई गई है। सिर्फ डीईओ व सेना की जमीन के लिए अनापत्ति जरूरी है। सिविल क्षेत्र की जमीनों के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र जरूरी नहीं है।