ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
वन दारोगा के 33 फीसदी पदों पर सीधी भर्ती के विरोध में हड़ताल पर गए वन आरक्षियों ने शुक्रवार को वन मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत के मामले में कार्रवाई के आश्वासन के बाद हड़ताल स्थगित कर दी। संगठन के प्रदेश महामंत्री अनिल पंवार ने कहा कि वन मंत्री ने इस मसले पर मुख्यमंत्री से वार्ता का आश्वासन दिया है। अगर 14 अप्रैल तक मांगों पर अमल नहीं किया गया तो संगठन दोबारा आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
लंबित मांगों को लेकर हड़ताल पर गए वन आरक्षी बृहस्पतिवार को वन मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत से मिले। उन्होंने कहा कि वन आरक्षी से वन दारोगा के पद पर पदोन्नति के लिए दस वर्ष सेवा की बाध्यता समाप्त कर इसे पांच वर्ष किया जाए। पदोन्नति नियमावली में संशोधन कर वन आरक्षियों के पदों पर शत-प्रतिशत पदोन्नति की जाए। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि वन मंत्री ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वन मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत ने कहा कि वन आरक्षी के लिए शैक्षिक योग्यता इंटर विज्ञान वर्ग के स्थान पर अब इंटर सामान्य करने का प्रस्ताव है।
वन मंत्री से वार्ता के बाद वन आरक्षी संघ ने हड़ताल स्थगित कर दी। वन मंत्री से वार्ता के दौरान राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष ठाकुर प्रहलाद सिंह, जिला अध्यक्ष ओमवीर सिंह चौधरी, वन फील्ड कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पंवार, वन आरक्षी संघ के अध्यक्ष विरेंद्र प्रसाद पांडे, शशिवर्धन अधिकारी, ललित मोहन हरबोला, आशीष कोठारी, अनिल पुंडीर आदि शामिल रहे। वहीं, वन आरक्षी संघ का प्रमुख वन संरक्षक कार्यालय में धरना शुक्रवार दोपहर तक जारी रहा।