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ट्रांसपोर्टर की मौत के लिए सरकार की नीतियां जिम्मेदार

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ब्यूरोअमर उजाला/मुनिकीरेती/ऋषिकेश।
नगर कांग्रेस कमेटी मुनिकीरेती ढालवाला के कार्यकर्ताओं ने भाजपा मुख्यालय में विषाक्त पदार्थ खाने वाले हल्द्वानी के ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडेय की मौत पर शोक सभा आयोजित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए पुतला फूंका।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु बिजल्वाण के नेतृत्व में बुधवार को कार्यकर्ता मुनिकीरेती स्थित क्रांति चौक पर जुटे। हल्द्वानी के ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे की मौत पर शोक सभा हुई। इस मौके पर पूर्व दर्जाधारी राज्यमंत्री रमेश उनियाल ने व्यवसायी प्रकाश पांडे की मौत के लिए सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की जन विरोधी नीतियों के कारण प्रदेश में व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। जीएसटी और नोटबंदी से परेशान होकर व्यवसायी प्रकाश पांडे को विषाक्त पदार्थ खाकर मौत को गले लगाने को मजबूर होना पड़ा। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और पुतला फूंका। प्रदर्शन में नगर अध्यक्ष महावीर खरोला, दिनेश व्यास, दिनेश भट्ट, अजय रमोला, लक्ष्मण राजभर, दिनेश सकलानी, विनोद सकलानी, राधेश्याम, कैलाश सेमवाल, शोभा खत्री, पद्मा सेमवाल, सुषमा नौटियाल, अविनाश सिंह, सुनील रौतेला, बिजेंद्र पयाल आदि शामिल रहे।
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उक्रांद ने भी सरकार को घेरा: उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) महिला इकाई की जिलाध्यक्ष शांति तड़ियाल ने कहा कि प्रकाश पांडेय के बलिदान से यह साबित हो गया है कि मध्यम व निम्न वर्गीय परिवारों को जीएसटी और नोटबंदी के कारण कितनी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। छोटे व्यवसायियों के रोजगार पर बुरा असर पड़ रहा है। केंद्र व प्रदेश सरकार की उदासीनता ने आम आदमी को इस कदर तोड़ दिया है, कि वह आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर हो गया है।
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उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह पांडेय के परिजनों को उचित मुआवजा देकर परिवार के भविष्य को सुरक्षित करे। उधर, समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट अतुल यादव और प्रदेश सचिव राजपाल यादव ने प्रकाश पांडे की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है। किसान, बेरोजगार युवा और छोटे व्यापारी प्रदेश सरकार की नीतियों से दुखी हैं। इसके अलावा प्रदेश सरकार बेरोजगारों को रोजगार देने की नीति अभी तक नहीं बना पाई है। जिससे लोग आत्मघाती कदम उठा रहे हैं।
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