एम्स में अब 3डी स्क्रीन से पढ़ेंगे छात्र-छात्राएं
- संस्थान में वर्चुअल डिसेक्टर एंड सर्जिकल प्लानिंग यूनिट का हुआ शुभारंभ
-- मरीजों को भी बेहतर उपचार के तौर पर मिलेगा यूनिट का लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश में विशेषज्ञों और मेडिकल के छात्र-छात्राओं के लिए मरीज के शरीर की संरचना समझने के लिए 3डी वर्चुअल डिसेक्टर एंड सर्जिकल प्लानिंग यूनिट का शुभारंभ किया गया है। इसके साथ ही संस्थान में मनुष्य के शरीर की बजाए अब छात्र-छात्राएं इस नई तकनीक से ही डिजिटल स्क्रीन पर शरीर की तमाम संरचनाओं को देख सकेंगे। बृहस्पतिवार को एम्स निदेशक प्रोफेसर डा. रवि कांत ने संस्थान में स्वीडन निर्मित वर्चुअल डिसेक्टर एंड सर्जिकल प्लानिंग यूनिट का शुभारंभ किया।
बताया कि यूनिट संस्थान में विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों और छात्र-छात्राओं के लिए मरीज की संरचना को डिजिटल स्क्रीन पर देखकर उसका उपचार करने में लाभदायक साबित होगी। यूनिट में शामिल ऑटोमैटिक डिजीटल टेबल को ब्लैक बोर्ड की तरह किसी भी ऐंगल में उपयोग किया जा सकता है। निदेशक ने बताया कि पर्याप्त मात्रा में देह दान नहीं मिलने से मनुष्य के शरीर की संरचना से मेडिकल के छात्र-छात्राओं को अवगत कराने में दिक्कतें पेश आ रही थी। लिहाजा यूनिट खुलने से इस समस्या का काफी हद तक समाधान होगा।
बताया कि मरीज की रेडियोलॉजिकल इमेज जिनमें सीटी, एमआरआई और एक्स-रे इस मशीन में डालकर उसकी 3डी इमेज बनाकर मरीज की सर्जरी भी प्लान की जा सकती है। बताया कि अभी तक इस प्रकार की डिजिटल टेबल देश भर में महज चार चुनिंदा संस्थानों में ही उपलब्ध है।