टैक्स में छूट के लिए नए सिरे से होगा उद्योगों का सत्यापन
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली में विशेष औद्योगिक पैकेज के अनुसार टैक्स छूट देने के लिए उद्योगों का नए सिरे से सत्यापन होगा। टैक्स छूट के लिए आवेदन करने वाले उद्योगों के आवेदनों का वाणिज्य मंत्रालय वेरिफिकेशन करेगा। जिसके बाद ही उद्यमियों को सीजीएसटी और आईजीएसटी में टैक्स रिफंड होगा। राज्य में करीब 700 उद्योग को सत्यापन कराने के बाद ही टैक्स में छूट मिलेगी। इसमें आवेदन के साथ उद्योगों को पिछला पूरा ब्योरा देना होगा।
राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों को विशेष औद्योगिक पैकेज के तहत 10 साल की अवधि के लिए एक्साइज ड्यूटी में छूट का लाभ दिया गया। लेकिन इसी साल जुलाई में जीएसटी लागू होने से एक्साइज ड्यूटी भी खत्म हो गई है। अब ऐसे उद्योगों के लिए केंद्र सरकार ने जीएसटी में यह प्रावधान किया कि टैक्स राशि का नकद भुगतान करने पर सीजीएसटी में 58 प्रतिशत और आईजीएसटी में 29 प्रतिशत टैक्स रिफंड होगा। लेकिन इसका लाभ उन्हीं उद्योगों को मिलेगा, जिनका उत्पादन शुरू करने के बाद 10 साल पूरे नहीं हुए हों। प्रदेश में करीब सात सौ उद्योगों का सत्यापन किया जाएगा। वेरिफिकेशन के बाद उद्योगों को यूनीक आईडी नंबर मिलेगा। जीएसटी-3बी का रिटर्न फाइल करने के साथ ही टैक्स रिफंड की स्टेटमेंट देनी होगी। केंद्रीय राज्य कर विभाग के अधिकारी अमित गुप्ता ने बताया कि जीएसटी में टैक्स छूट का लाभ लेने के लिए उद्योगों को आवेदन करना होगा। वाणिज्य मंत्रालय की ओर से सत्यापन करने के बाद ही उद्योगों को आईडी नंबर जारी होगा। इसके आधार पर ही उद्योगों को सीजीएसटी व आईजीएसटी में टैक्स रिफंड होगा।
राज्य के 1568 उद्योग जीएसटी में हुए माइग्रेट
उत्तराखंड में स्थापित 2999 उद्योगों को एक्साइज ड्यूटी में छूट का लाभ दिया गया। जून 2017 में 10 साल की अवधि पूरी करने पर 1064 उद्योग टैक्स छूट के दायरे से बाहर हो गए। जीएसटी लागू होने पर ऐसे उद्योगों की संख्या 1935 थी। इसमें 1568 उद्योग जीएसटी में माइग्रेट हुए हैं।