यदि आप समाज कल्याण आदि विभाग से सरकारी सहायता लेना चाहते हैं तो अब वह आसान नहीं है। लेखपालों ने सरकारी सहायता के किसी भी आवेदन पर सीधी रिपोर्ट लगाने से पूरी तरह इंकार कर दिया है, जबकि अभी तक लेखपाल रिपोर्ट लगा रहे थे। इस फैसले से अब लोगों को किसी भी प्रकार की सहायता लेना आसान नहीं होगा।
समाज कल्याण विभाग की ओर से विकलांग, वृद्धा, विधवा, किसान पेंशन, पारिवारिक सहायता राशि, तलाकशुदा पेंशन आदि का लाभ दिया जाता है। बाल विकास विभाग की ओर से ‘हमारी कन्या हमारी अभिमान’ योजना से बेटियों के पैदा होने पर सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा विकास विभाग की ओर से भी लोगों को योजनाओं को लाभ दिया जाता है। इनके सभी आवेदनों पर लेखपालों की ओर से परिवार की मासिक एवं वार्षिक आय रिपोर्ट लगाती है। अभी तक लेखपाल यह रिपोर्ट योजनाओं के आवेदनों पर लगाते आ रहे थे। इससे आवेदकों को तहसील से प्रमाण पत्र नहीं बनवाना पड़ रहा था। इससे लोग योजनाओं का आसानी से लाभ उठा रहे थे, लेकिन तहसील सभागार में शनिवार को हुई जिले की चार तहसीलों (रुड़की, भगवानपुर, लक्सर एवं हरिद्वार) के लेखपालों की मीटिंग में निर्णय लिया गया कि अब वह किसी भी योजना के आवेदन पत्र पर आय की सीधी रिपोर्ट नहीं लगाएंगे। केवल तहसील से विधिवत प्रमाणपत्र जारी करने पर रिपोर्ट लगाएंगे। लेखपालों के इस निर्णय से लोगों को सभी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आय प्रमाण पत्र बनवाने पड़ेंगे।