अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
जिलाधिकारी दीपक रावत की ओर से शहर को पॉलिथीन मुक्त बनाने के लिए शुरू की गई मुहिम थोक विक्रेताओं के असहयोग से शुरू हुई। डीएम की ओर से बुलाई गई बैठक में एक भी थोक विक्रेता नहीं पहुंचा। जिसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों को छापेमारी कर स्टॉक चेक करने के निर्देश दिए। पॉलिथीन बेचने और इस्तेमाल करने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाने के प्रावधान को प्रमुखता से प्रचारित करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी दीपक रावत ने शनिवार को पॉलिथीन पर रोक लगाने संबंधी हाईकोर्ट के आदेशों का अनुपालन कराने के लिए अधिकारियों और पॉलिथीन के थोक विक्रेताओं की बैठक एचआरडीए के सभागार में बुलाई थी। लेकिन स्थिति उस समय रोचक बन गई जब बैठक में एक भी पॉलिथीन का थोक विक्रेता नहीं पहुंचा। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने पूछा कि जब हाईकोर्ट से ही रोक लग गई है तो फिर शहर में पॉलिथीन आ कैसे रही है। इसके लिए उन्होंने सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों को दिए। थोक कारोबारियों का सत्यापन कर भविष्य मेें बिक्री की अनुमति न देने के निर्देश भी दिए। डीएम ने कहा कि गंगा घाटों पर पॉलिथीन प्रतिबंधित होने के साथ ही इसका प्रयोग करते पाए जाने पर पांच हजार रुपये जुर्माने को प्रचारित करने वाले बोर्ड लगाए जाएं।
शहर के प्रवेश द्वारों पर भी इस तरह के बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने खुले में शौच करने तथा सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा डालने वालों पर भी दंडात्मक कार्रवाई और जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि नियमों और न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन कराएं। पर्यटन विभाग के अधिकारियों को सुलभ शौचालयों में साफ सफाई का विशेष ध्यान देने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि हरिद्वार विश्व स्तरीय शहर है।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन डा. अभिषेक त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ ललित नारायण मिश्र, डीएफओ एचके सिंह, नगर मजिस्ट्रेट जय भारत सिंह, एमएनए अशोक पाण्डे, डिप्टी कलक्टर दीपेन्द्र नेगी, जिला पूर्ति अधिकारी राहुल शर्मा, जिला पर्यटन अधिकारी जसपाल चौहान, जीएम डीआईसी पल्लवी गुप्ता, सिंचाई विभाग के अधिशसी अभियंता डीके सिंह तहसीलदार सुनैना राणा, वाणिज्य कर अधिकारी शिखा तोमर आदि अधिकारी उपस्थित रहे।