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Coronavirus in Uttarakhand : उत्तराखंड में मिले 95 और कोरोना संक्रमित, मरीजों का आंकड़ा 2300 के पार 

Sat, 20 Jun 2020 10:03 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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corona sample - फोटो : PTI
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प्रदेश में शनिवार को 95 और लोगों में कोरोना संक्रमण मिला हैं। इन्हें मिलाकर प्रदेश में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 2300 के पार हो गया है।

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टिहरी जिले में 24, देहरादून में 17 और उत्तरकाशी जिले में 15 संक्रमित मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार शनिवार को आई जांच रिपोर्ट में 1521 सैंपल नेगेटिव मिले हैं। टिहरी जिले में 24 संक्रमितों में तीन स्वास्थ्य कर्मी और 21 मरीजों की ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। देहरादून जिले में 17 संक्रमितों में 16 ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। वहीं, प्राइवेट लैब में एक पैरामिलिट्री कर्मी कोरोना पॉजिटिव पाया गया। 
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उत्तरकाशी जिले में 15 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनमें नौ दिल्ली, दो हरियाणा, दो गुरुग्राम, एक नोएडा और एक संपर्क में आया है। अल्मोड़ा जिले में 11 कोरोना संक्रमित दिल्ली से आए हैं। चमोली जिले से सात संक्रमितों में छह दिल्ली और एक गुरुग्राम से आया है। नैनीताल जिले में पांच संक्रमितों की ट्रेवल हिस्ट्री दिल्ली की है। बागेश्वर में पांच संक्रमित मिले हैं। इनमें तीन दिल्ली, एक गुरुग्राम, एक गौतम बुद्ध नगर से लौटा है।

पौड़ी जिले में दो संक्रमित संपर्क में आए हैं। रुद्रप्रयाग जिले में चार कोरोना संक्रमित मरीज दिल्ली से आए हैं। हरिद्वार में पांच मिले हैं। इसमें एक संक्रमित मरीज करनाल हरियाणा और चार लोग संपर्क में आए हैं। अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने बताया कि शुक्रवार को 95 कोरोना संक्रमित मिले हैं। इन्हें मिला कर प्रदेश में संक्रमितों की संख्या 2301 हो गए हैं। वहीं, 17 मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया है। प्रदेश में अब तक 1450 मरीज ठीक हो चुके हैं। 

आज मिले कोरोना संक्रमित मामले

टिहरी-24
देहरादून-17
उत्तरकाशी-15
अल्मोड़ा-11
चमोली -07
रुद्रप्रयाग-04
बागेश्वर-05
नैनीताल-05
पौड़ी-02
हरिद्वार-05

मुख्यमंत्री के होम क्वारंटीन होने की अफवाह उड़ी 

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के फिजिशियन के कोरोना पाजिटिव आने के बाद उनके होम क्वारंटीन होने की दिनभर चर्चा रही। सूत्रों के अनुसार फिजिशियन ने एक दिन पहले सीएम का रुटीन चैकअप किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने एहतियात के तौर पर खुद को क्वारंटीन करने का निर्णय लिया। हालांकि, मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस सूचना का खंडन किया है। 

मुख्यमंत्री के फिजिशियन के कोरोना पाजिटिव आने से शनिवार सुबह चर्चाएं तेज हो गई थी कि उन्हें क्वारंटीन किया जाएगा। हालांकि, इस संबंध में जिला प्रशासन के स्तर से निर्देश जारी किए जाते हैं। मुख्यमंत्री की दिन में कोविड-19 को लेकर बैठक रद्द होने से अफवाह और तेज हो गई। माना गया कि मुख्यमंत्री ने खुद को क्वारंटीन कर सभी बैठकें निरस्त कर दी हैं। इससे पहले सुबह मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर योग अभ्यास किया था और जिसका वीडियो संदेश कई फोटो जारी किए गए।
 
शनिवार शाम को उन्होंने पर्यटन विभाग की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक भी ली। इसके बाद कांवड़ यात्रा को लेकर भी मुख्यमंत्री आवास पर बैठक हुई। मुख्यमंत्री के मीडिया कोर्डिनेटर दर्शन सिंह रावत ने बताया कि मुख्यमंत्री नियमित कामकाज कर रहे हैं। फिजिशियन के कोरोना पाजिटिव आने के बाद वह होम क्वारंटीन नहीं हुए हैं। 

अब सरकार का फोकस कंटेनमेंट जोन में

प्रदेश में रोजाना कोरोना संक्रमित मामले आने के साथ ही कंटेनमेंट जोन की संख्या भी बढ़ रही है। पांच जिलों में कंटेनमेंट जोन की संख्या सौ पार करने वाली है। वहीं, अकेले हरिद्वार जिले में 50 इलाकों को  कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है।

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन की ओर से कंटेनमेंट जोन बनाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के पांच जिलों में कंटेनमेंट जोन की संख्या 99 हो गई है।

इसमें हरिद्वार जिले में 50, देहरादून में 36, टिहरी में 10, ऊधमसिंह नगर में दो और उत्तरकाशी जिले में एक कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। कोरोना संक्रमण को लेकर जिलों की रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन की श्रेणी को खत्म किया गया है।

अब सरकार का फोकस कंटेनमेंट जोन में है। एक ही जगह से कई कोरोना संक्रमित मिलने पर क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बना कर सील किया जा रहा है। कंटेनमेंट जोन में आवश्यक सेवाओं को छोड़ कर बाकी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध है।
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जंगल में जश्न मना रहे 13 युवाओं पर मुकदमा

गोपेश्वर में रुद्रनाथ ट्रैक पर आरक्षित वन क्षेत्र में लाउडस्पीकर लगाकर जश्न मना रहे 13 युवाओं के खिलाफ केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग ने  मुकदमा दर्ज किया। बाद में युवाओं का चालान कर और भविष्य में दोबारा ऐसी गलती न करने का शपथ पत्र भरवाकर छोड़ दिया गया।

रुद्रनाथ मंदिर समिति के कुछ सदस्यों ने वन्य जीव प्रभाग के अधिकारियों से शिकायत की कि रुद्रनाथ ट्रैक पर आरक्षित वन क्षेत्र में कुछ युवा शराब पीकर लाउडस्पीकर बजाकर जश्न मना रहे हैं। शिकायत मिलने पर रेंजर आरती मैठाणी के नेतृत्व में वन कर्मियों की टीम रुद्रनाथ ट्रैक पर पहुंची और युवाओं से शराब की बोतलें व लाउडस्पीकर बरामद किया गया।

वन विभाग ने शिवम पुरोहित, दीपक, आशुतोष, रविंद्र, शशांक, कार्तिकेय, विजय सिंह, नवीन सिंह, अजय, सूरज, दीपक, सबर सिंह व मंगल सिंह (सभी स्थानीय निवासी) पर वन्य जीवों की सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया। बाद में चालान कर छोड़ दिया। टीम में वन दरोगा प्रदीप नेगी, दर्शन लाल, अरुण कुमार, आनंद, धीरज कुमार शामिल थे। वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर ने कहा कि जंगल और बुग्यालों में अवैध गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
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